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स्वास्थ्य मंत्रालय का बयान- कोरोना संक्रमण के दूसरे और तीसरे चरण के बीच में भारत

Covid19: देश के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से इस बात का खंडन किया गया है कि भारत के कोरोना संक्रमण के तीसरे स्टेज में पहुंचने की आशंका है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दिए गए बयान में कहा गया है कि भारत इस वक्त कोरोना संक्रमण के दूसरे और तीसरे चरण के बीच में है। साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक बीते सोमवार तक भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 4067 थी, जबकि इसकी वजह से 109 लोगों की अब तक जान गई है।

किये जा रहे समेकित प्रयास

मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा है कि भारत के जो संक्रमण के तीसरे स्टेज में पहुंचने की आशंका जताई जा रही है, उसका स्वास्थ्य मंत्रालय खंडन करता है। भारत इस वक्त दूसरे और तीसरे चरण के बीच में है।

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सामुदायिक संक्रमण के स्टेज में पहुंचने से ही भारत को रोकने के लिए ये समेकित प्रयास किए जा रहे हैं।

गुलेरिया के बयान का मतलब

एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया के भारत के कोरोना संक्रमण के तीसरे स्टेज में पहुंचने के बारे में दिए गए बयान के बारे में लव अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने किसी स्थान विशेष के संक्रमण को लेकर वहां मामलों की अधिकता को देखते हुए उसके संदर्भ में यह बात कही है। इसका मतलब यह नहीं है कि भारत कोरोना संक्रमण के तीसरे स्टेज में पहुंच चुका है। अग्रवाल ने कहा कि एम्स के निदेशक की ओर से जो कहा गया है, वह हम जो आपको समझा रहे हैं, उससे थोड़ा भी अलग नहीं है। लव अग्रवाल ने कहा है कि जब मामले बड़ी संख्या में सामने आने लगते हैं तो वैसे में सरकार की ओर से हस्तक्षेप और तेज कर दिया जाता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि सामुदायिक प्रसारण का मामला सामने आता है तो इसे सबको बताने वाले वे पहले व्यक्ति होंगे।

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आंकड़ों पर गौर फरमाएं

अग्रवाल ने यह भी बताया है कि इन मरीजों में 1445 ऐसे मरीज हैं जो या तो तबलीगी जमात के धार्मिक आयोजन में शामिल हुए थे या फिर उनमें शामिल हुए लोगों के संपर्क में आए थे। भारत में कोरोना संक्रमण का शिकार हुए 76 फीसदी लोग पुरुष, जबकि 24 फीसदी महिलाएं हैं। मृतकों में 73 प्रतिशत पुरुष और 27 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। मृतकों में 63 फीसदी 60 साल से अधिक उम्र वाले लोग हैं। साथ ही 40 से 60 वर्ष तक के मृतकों की संख्या 30 फ़ीसदी है, जबकि सात फ़ीसदी तादाद 40 फ़ीसदी से कम वाले लोगों की है।

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Shikha Yadav

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