लाइफस्टाइल

खुद से न बनें डॉक्टर, जानिए दवा खाने का सही तरीका

Dawai Lene Ka Sahi Tarika: इस मौसम में सर्दी जुकाम और बुखार जैसी समस्याएं होना आम बात है। इन छोटी मोटी बीमारियों के लिए लोग अक्सर लोग डॉक्टर के पास जाने के बजाय खुद ही दवाएं ले लेते हैं। लेकिन ब‍िना डॉक्टरी सलाह ल‍िए दवाओं का सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है। दवाएं कई कैम‍िकल को म‍िलाकर तैयार की जाती हैं, ये दवा बीमारी को जड़ से खत्‍म करने की क्षमता रखती है इसल‍िए इन्‍हें खाने से पहले आपको जरूरी बातों का ध्‍यान रखना चाह‍िए। 

अपनी दवा दूसरों को न दें: अगर डॉक्‍टर ने आपको बुखार की कोई दवा दी है और आप उसी दवा को अन्‍य व्‍यक्‍त‍ि को दे रहे हैं तो दवा का असर आप पर और उस व्‍यक्‍त‍ि पर अलग होगा। क्योंकि डॉक्‍टर उम्र और शरीर देखकर दवा देते हैं।

खाली पेट न खाएं दवा: आमतौर पर गैस की समस्‍या दूर करने के ल‍िए डॉक्‍टर खाली पेट दवा खाने की सलाह देते हैं। पर ये न‍ियम हर दवा के साथ लागू नहीं होता। बिना कुछ खाये एंटीबायोटिक खाने से कई बार चक्कर आने, जी मिचलाने, एसिडिटी और गैस बनने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

एक्सपायरी डेट जांचें: वैसे तो दवाओं की एक्‍सपायरी डेट और उसके मैन्‍युफैक्‍चर‍िंग डेट में काफी अंतर होता है। लेकिन फिर भी इसे खाने से पहले एक बार पहले डेट जरूर चेक करें वरना यह फायदा पहुंचाने के बजाय आपको नुकसान पहुंचा सकता है।

Image Source: patrika.com

सीधे शीशी से न पिएं दवा: जो ल‍िक्‍व‍िड दवा या सीरप है उसको सीधे शीशी से न प‍िएं। इससे दवा खराब हो जाएगी, साथ ही गलती से ज्यादा मात्रा में दवा पी लेने का भी खतरा होता है. इसे चम्मच से पीना सही होता है।

एक साथ कई दवाई न लें: अलग-अलग बीमारी की दवा एक सा‍थ लेना सही नहीं है। कुछ लोग खांसी या सर्दी लगने की दवा के साथ बुखार की दवा या डायबिटीज की दवा के साथ थॉयरॉइड की दवा खा लेते हैं। इससे उनको फायदा होने के बजाय नुकसान हो सकता है. साथ ही इससे शरीर में गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं।

ज्यादा पेनकिलर लेना खतरनाक: अक्सर लोग छोटे मोटे दर्द में भी तुरन्त पेन किलर लेने लगते हैं। लेकिन इससे बॉडी के अंदरूनी अंगों पर बुरा असर पड़ता है। पेनक‍िलर लेने से पहले एक बार डॉक्‍टर से सलाह जरूर लेनी चाह‍िए।

इसलिए बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी तरह की दवा को खुद से लेने(Dawai Lene Ka Sahi Tarika) की कोशिश न करें। इसके बाद में गंभीर परिणाम आपको देखने को मिल सकते हैं। बीमारियां छोटी हो या बड़ी, उनका इलाज हमेशा डॉक्टरों के उचित मार्गदर्शन के अंतर्गत ही होना चाहिए।

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