Benefits Of Apricot In Hindi: एप्रीकॉट जिसे आम बोल चाल की भाषा में खुबानी के नाम से भी जाना जाता है। अपने खट्टे मीठे स्वाद की वजह से खुबानी पूरे विश्व में लोकप्रिय है। इसका खूबसूरत आकार, इसका रंग और इसका रसीला स्वाद किसी भी फ़ूड लवर को अपना दीवाना बना सकता है। खुबानी का कलर पीला-नारंगी होता है। इस फल की उत्पत्ति का श्रेय रोमन संस्कृति को दिया जाता है। खुबानी एक ऐसा फल है जिसकी मदद से कई असाध्य रोगों को शरीर से दूर किया जा सकता है। आज के इस लेख में हम आपको एप्रिकॉट यानी कि खुबानी के अंदर मौजूद पोषक तत्व और उनके औषधीय गुणों के बारे में विस्तार से बताएँगे।
खुबानी के अंदर, प्रोटीन, सभी प्रकार के मिनरल्स, विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन के, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, शुगर, कच्चे फाइबर, कार्बनिक एसिड जैसे गुणकारी पोषकक तत्व पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। ये सभी पोषक तत्व शरीर को विभिन्न प्रकार के रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान करते हैं और इसके साथ ही शरीर को मजबूत करने में सहायक होते हैं।
खुबानी का सेवन शरीर को अल्सर से बचाने में सहायक साबित होता है। खुबानी एंटीऑक्सीडेंट तत्वों से भरा हुआ होता है और नियमित रूप से इसका सेवन शरीर से फ्री रेडिकल्स को दूर करता है। फ्री रेडिकल्स ही अल्सर की समस्या को उत्पन्न करते हैं। इसके अलावा एक और रिसर्च से पता चला है कि, खुबानी के बीज के कर्नेल हिस्से में उच्च कोटि का फाइबर पाया जाता है जो अल्सर को कम करने में प्रभावी साबित होता है।
ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा में अधिकता होने की वजह से मधुमेह की समस्या उत्पन्न हो जाती है। मधुमेह की समस्या को कम करने के लिए खुबानी का सेवन किया जा सकता है। एक रिसर्च में पता चला है कि खुबानी के अंदर क्लोरोजेनिक एसिड पाया जाता है जो ब्लड में उपस्थित शुगर की मात्रा को अवशोषित कर लेता है। खुबानी की गिनती लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फलों में की जाती है जिसके सेवन से रक्त में ग्लूकोज की मात्रा नियंत्रित रहती है।
खुबानी का नियमित रूप से सेवन करने से लीवर के डैमेज होने का खतरा काफी कम हो जाता है। एक विदेशी संस्था की रिसर्च के अनुसार, खुबानी के अंदर कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मददगार होते हैं। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम होने की वजह से लीवर के डैमेज होने का खतरा कम हो जाता है। लीवर को स्वस्थ्य बनाए रखने के लिए आप खुबानी को ताज़ा और सुखाकर भी खा सकते हैं।
गर्भवस्था के दौरान खुबानी के सेवन के कई फायदे देखे गए हैं। गर्भवस्था के दौरान अस्थमा की समस्या से जूझ रहीं महिलाऐं इस फल का सेवन का कर सकती हैं। अस्थमा के लिए जरुरी माने जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट तत्व खुबानी में मौजूद होते हैं। इसके अलावा भी इसके अंदर विटामिन सी व विटामिन ई भी पाया जाता है। गर्भवती महिला को रोज़ाना 4 खुबानी खाने की सलाह दी जाती है।
बेहतरीन स्वास्थ्य के साथ ही खुबानी हड्डियों को भी मजबूत बनाए रखने में सहायक साबित होता है। फॉरेन इंस्टीट्यूट की रिसर्च से पता चला है कि खुबानी के अंदर मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम हड्डियों को मजबूत बनाता है। इसके अंदर कैल्शियम और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। हड्डियों को मजबूत रखने के लिए आप खुबानी को ताज़ा और सुखाकर भी खा सकते हैं।
खुबानी के अंदर एंटी एजिंग के गुण पाए जाते हैं और ये गुण त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ्य रखने में सहायक होते हैं। नियमित रूप से खुबानी के सेवन से चेहरे के दाग, धब्बे, झुर्रियां और झाइयां जैसी समस्याएं चेहरे से दूर हो जाती हैं।
डिस्क्लैमर:- इस लेख को सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी चीज़ के सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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