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Benefits of Liquorice in Hindi: मुलेठी एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है। मुलेठी सिर्फ खांसी या गले को ठीक करने में फायदेमंद मानी जाती है, आयुर्वेद में मुलेठी का इस्तेमाल आंखों के रोग, मुंह के रोग, गले के रोग, दमा, दिल के रोग, घाव के उपचार के लिए किया जा रहा है। स्वाद से मीठी मुलेठी में कैल्शियम, ग्लिसराइजिक एसिड, एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटीबायोटिक, प्रोटीन और वसा की मात्रा भरपूर होती है।
मुलेठी को उबाल कर उसके पानी से आंखों को धोने से बहुत आराम मिलता है। मुलेठी चूर्ण में सौंफ का चूर्ण मिलाकर एक चम्मच शाम को खाने से आंखों की जलन मिटती है और आंखों की रोशनी भी बढ़ती है।
कान और नाक के रोग में मुलेठी और मुनक्का से पकाए हुए दूध को कान में डालने से लाभ मिलता है। 3 ग्राम मुलेठी और शुंडी में 6 छोटी इलायची, 25 ग्राम मिश्री मिलाकर, काढ़ा बनाले और 2 बूंद नाक में डालने से नाक के रोगों में आराम मिलता है।
मुलेठी के टुकड़े में शहद लगाकर चूसते रहने से मुंह के छालों में आराम मिलता है। मुलेठी को चूसने से खांसी और गले का रोग भी दूर होता है। मुलेठी चूर्ण के 1 चम्मच को शहद के साथ दिन में 3 बार चटाना चाहिए। इसका 20-25 मिली काढ़ा शाम को पीने से श्वास नलिका साफ हो जाती है।
पिंपल्स पर मुलेठी का लेप लगाने से वे जल्दी ठीक हो जाते हैं। मुलेठी और तिल को पीसकर उससे घी मिलाकर घाव पर लेप करने से घाव भर जाता है।
मुलेठी का सेवन दिल के लिए भी लाभकारी है। 5 ग्राम मुलेठी चूर्ण तथा कुटकी चूर्ण को मिलाकर 20 ग्राम मिश्री मिला जल प्रतिदिन सेवन करने से हृदय रोगों में लाभ होता है और पेट के रोग में भी आराम मिलता है।
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