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Mishri Khane Ke Fayde: अक्सर ऐसा होता है कि जो पदार्थ हमें खाने में अच्छा लगता है उसके बारे में दरअसल हम कम जानते हैं। ऐसा ही एक मिष्ठान है ‘मिश्री’। मिश्री को सात्विक खाद्य माना जाता है। भारत में इसे भगवन श्री कृष्ण के प्रिय मिष्ठान के रूप में जाना जाता है। मंदिर में अक्सर हमें प्रसाद के मिश्री ही प्राप्त होती है। माना जाता है कि भगवान श्री कृष्ण को माखन और मिश्री का प्रसाद बहुत पसंद था। जन्माष्टमी पर तो मंदिरों में खासतौर से मिश्री – माखन का प्रसाद बनता है। अंग्रेजी में इसे Rock Sugar कहा जाता है। मिश्री गन्ने और ताड़ के पेड़ से बनती है। इसमें विटामिन, खनिज और एमिनो एसिड पाया जाता है जो हमारे शरीर लाभदायक है। मीठी वाणी और मीठी बात पर अक्सर मिश्री पर आधारित वाक्य और कहावत कही जाती है, उदाहरण के लिए ‘मिश्री जैसी वाणी होना’।
मिश्री के प्रयोग से मस्तिष्क स्वस्थ रहता है और स्मरण शक्ति बढ़ती है। मानसिक थकान भी इसके प्रयोग से दूर होती है।
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