Kerala Elderly Couple: दुनिया को तबाही की तरफ ले जाने वाला कोरोना वायरस सबसे ज्यादा उनलोगों को प्रभावित कर रहा है जो साठ वर्ष से ज्यादा उम्र के हैं। बुजुर्गों में इम्युनिटी की कमी होने की वजह से इस वायरस की चपेट में सबसे ज्यादा बुजुर्ग आ रहे हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण इटली है। इटली में इस वायरस से मरने वालों में सबसे बड़ी संख्या बुजुर्गों की है। लेकिन इस बीच भारत से एक अच्छी खबर आ रही है, एक बुजुर्ग जोड़े ने कोरोना से जिंदगी की जंग जीत ली है। आइये जानते हैं कोरोना से जंग जीतने में इन्हें किन कठिनाईओं का करना पड़ा सामना।
केरल के 93 वर्षीय थॉमस और 83 वर्षीय मरियम्मा ने कोरोना से जिंदगी की जंग जीत ली है। सूत्रों की माने तो दोनों बुजुर्ग दंपति काफी लंबे समय से कोरोना वायरस से पीड़ित थे लेकिन उन्होनें अपनी सिंपल लाइफस्टाइल और हेल्दी खानपान की वजह से कोरोना को हराकर एक बार फिर से जिंदगी को गले से लगाया है। केरल के जिस अस्पताल में इस बुजुर्ग जोड़े का इलाज चल रहा था, वहां के डॉक्टर भी इस बुजुर्ग जोड़े की रिकवरी से काफी हैरान हैं। उनका कहना है, जब थॉमस और मरियम्मा को हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था उस समय उनकी हालत काफी गंभीर थी।
जहाँ एक तरफ इस वायरस की वजह से लाखों हज़ारों जानें अब तक जा चुकी हैं ऐसे में उम्र के इस पड़ाव पर होने के वाबजूद भी इस बुजुर्ग जोड़े ने कोरोना को हराकर एक मिशाल दिया है। इससे ना केवल लोगों में एक आशा की एक नई किरण जगी है बल्कि लोग काफी प्रेरित भी हो रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, 93 साल के थॉमस और 83 साल की मरियम्मा को ये वायरस इटली से लौटे पर उनके बेटे, बहु और पोते से लगी। हालाँकि इस परिवार के पाँचों सदस्य अब इस वायरस से पूरी तरह से मुक्त जरूर हैं, लेकिन सबसे ज्यादा गंभीर स्थिति थॉमस और मरियम्मा की ही थी। डॉक्टर ने इनके ठीक होने की सबसे बड़ी वजह बताई इनका हेल्दी लाइफस्टाइल। दोनों ने इस दौरान भी हेल्दी खानपान को जारी रखा और विश्व स्वास्थ्य संगठन के सभी गाइडलाइन्स को फॉलो किया।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, इस संबंध में जब थॉमस और मरियम्मा के परिवार वालों से पूछा गया तो, उनके पोते ने बताया उसके दादा थॉमस ने जीवन में कभी शराब और सिगरेट को हाथ नहीं लगाया। वो पहले किसान थे और बिना जिम गए भी उनके सिक्स पैक ऐब्स हुआ करते थे। इस खतरनाक वायरस से बच पाना उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। थॉमस और मरियम्मा के पोते रिजो का कहना है कि, वो लोग अगस्त में भारत आने वाले थे लेकिन उनके दादाजी की जिद की वजह से उन्हें मार्च में आना पड़ा। रिजो ने कहा अच्छा ही हुआ वो लोग अभी इंडिया आ गए वरना इटली में बुरा फंसते।
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