धर्म

गोबर के कंडों के हैं बहुत से धार्मिक महत्त्व, ये दिलाते हैं हर एक समस्या से निजात

Cow Dung Benefits In Hindi गाय को सनातन धर्म में बहुत ही पवित्र स्थान दिया गया है और गाय से जुड़ी हुई सभी चीज़ों का एक अलग ही धार्मिक महत्त्व है। गाय से उत्पन्न हुई सभी चीज़ों की अपनी अपनी विशेषताएं हैं। यहाँ तक कि गाय के गोबर से बनाए गए कंडों को भी पवित्र माना जाता है। गोबर के कंडों का अधिकतर इस्तेमाल पूजा पाठ के लिए भी किया जाता है। इसके अलावा, गोबर के कंडों के कुछ बेहद ही असरदार और बेजोड़ उपाय हैं जिनको अमल में लाने से न सिर्फ आपकी सभी सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी बल्कि आपको मौद्रिक लाभ भी मिल सकता है। आज के इस लेख में हम आपको गोबर के कंडों से होने वाले कुछ ऐसे ही फायदों के बारे में विस्तार से बताएंगे।

गोबर के कंडों से होने वाले फायदे(Gobar Ke Kande Ke Fayde)

Image Source: Meesho
  1. वास्तु शास्त्र के अनुसार, गोबर के कंडों का धुआं अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली माना जाता है। ऐसे में अगर आप नियमित तौर पर रोज़ाना गोबर के कंडों को जलाकर उसका धुआं घर के हर एक कोने में पहुंचाया जाए तो इससे घर में मौजूद सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियां नष्ट हो जाएंगी और घर में सकारात्मक शक्तियों का प्रवाह तेज़ी से होने लगेगा।
  2. घर में पूजा घर में रोज़ गोबर के उपलों को जला कर मंदिर के सभी कोनों में धुआं पहुंचाने के बाद उसी धुंए को परिवार के सदस्यों पर छोड़ने पर घरेलु जीवन में मौजूद कलह नष्ट हो सकता है और इससे परिवार जनों के बीच आपसी प्रेम बढ़ता है।
  3. जैसा की आपको ऊपर बताया गया कि गोबर के उपलों को जलाना बेहद ही शुभ होता है, लेकिन अगर उसी आग में घी और कपूर डाल दिया जाए तो इससे परिणाम और अधिक शुभ हो जाते हैं। कपूर और देसी घी को कंडों में डालकर उसका धुआं करने से घर में ईश्वर का वास हो सकता है।
  4. गोबर के कंडों को जलाते वक़्त उसमें अगर पीली सरसों के कुछ दाने डाल दिए जाए तो इससे उत्पन्न धुंए से पूरे परिवार की सेहत में सुधार होता है। ऐसा करने से माता लक्ष्मी की कृपा भी परिवार के ऊपर बनी रहती है।
  5. गोबर के उपलों को जलाकर उसे भंडार घर में रखने से माँ अन्नपूर्णा की कृपा बनी रहती है और धन संचय में बढ़ोतरी होती है।

तो यह थे गाय के गोबर से बने उपलों के(Gobar Ke Uple Jalane Ke Fayde) धार्मिक महत्त्व।

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Adarsh Tiwari

सॉफ्टवेयर की पढ़ाई करते करते दिमाग हैंग सा होने लगा तो कहानियां पढ़ने लगा. फिर लिखने का मन किया तो लिखना शुरू कर दिया। अब आप पढ़कर बताइए की कैसा लिख रहा हूँ.

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