धर्म

सावन 2019: इस वजह से भगवान शिव को चढ़ाया जाता है बेलपत्र, जानें इससे जुड़े खास नियम

सावन का पावन महीना शुरू होते ही शिव भक्तों में खुशी की लहर छा गयी है। शिव के भक्त जगह-जगह कांवड़ ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह महीना कोई भी शुभ कार्य आरंभ करने के लिए बेहद अच्छा माना जाता है। इस महीने 17 जुलाई को सावन शुरू हुआ और अगले महीने यानी अगस्त की 12 तारीख को खत्म होगा। इस बार सावन में कुल चार सोमवार पड़ रहे हैं। सावन में किये गए सोमवार के व्रत के बहुत महत्व होता है। सावन के सोमवार में किये गए व्रत से भक्तों को विशेष फल प्राप्त होता है। जहां एक तरफ सही ढंग से पूजा करके भगवान को प्रसन्न किया जा सकता है वहीं, जरा सी लापरवाही आपको पूजा का फल प्राप्त करने से वंचित रख सकती है।

Hindi Rasayan

शिव पूजा में कुछ चीजों का विशेष महत्व होता है और उन्हीं चीजों में से एक चीज है बेलपत्र। बेलपत्र के बिना भोलेनाथ की पूजा अधूरी है। अब आपके मन में सवाल आया होगा कि भला शिवजी की पूजा में बेलपत्र का इतना महत्व क्यों है। आखिर क्यों इसे चढ़ाने से महादेव खुश हो जाते हैं। तो आज हम आपके इन सवालों का जवाब लेकर आये हैं।

आखिर क्यों पसंद है भोलेनाथ को बेलपत्र?

जैसा कि हमने आपको बताया भोलेनाथ को बेलपत्र बेहद प्रिय है और इसका सीधा संबंध समुद्र मंथन से है।पौराणिक कथाओं की मानें तो जब समुद्र मंथन से विष निकला था तो शिवजी ने विष पान किया था और इससे उनके कंठ में जलन होने लगी। उनके इसी कंठ की जलन को दूर करने के लिए जलाभिषेक किया जाता है और बेलपत्र इसलिए चढ़ाया जाता है ताकि भगवान के मस्तिष्क को ठंडक पहुंचे। साथ ही यह भी कहा जाता है कि यदि आप बेलपत्र शिवजी को चढ़ाएंगे तो दरिद्रता आपसे कोसों दूर चली जायेगी और आप सौभाग्यशाली बन जाएंगे।

बेल वृक्ष है संपन्नता का प्रतीक

बेलवृक्ष को संपन्नता का प्रतीक कहते हैं। मान्यता अनुसार बेल के वृक्ष में माता लक्ष्मी का वास होता है। इसलिए घर में बेल वृक्ष के लगाने को बेहद शुभ माना गया है। बेल वृक्ष लगाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और ऐसा करने से व्यक्ति वैभवशाली बनता है।

बेलपत्र का महत्व

* शिव पूजा के दौरान शिवजी को बेलपत्र की तीन पत्तियों वाला गुच्छा चढ़ाते हैं और मानते हैं कि इसके मूल भाग में सभी तीर्थों का वास है।

* जो लोग अपने घरों में बेल के वृक्ष लगाते हैं उनके घर में कभी धन-दौलत की कमी नहीं रहती।

* बेलपत्र चढ़ाने से महादेव अपने सभी भक्तों के दुख को हर लेते हैं और उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

जानिए बेलपत्र से जुड़ी कुछ ख़ास बातें

* कुछ विशेष तिथियों पर बेलपत्र तोड़ना अशुभ माना जाता है. चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी, अमावस्या, संक्रांति और सोमवार को बेलपत्र तोड़ना वर्जित है। यदि आपको पूजा में बेलपत्र का इस्तेमाल करना है तो इसे एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें।

* आपको जानकर हैरानी होगी कि बेलपत्र कभी अशुद्ध नहीं होते। आप पहले चढ़ाये हुए बेलपत्र को पानी से धोकर दोबारा चढ़ा सकते हैं।

* भगवान शिव को हमेशा बेलपत्र की तीन पत्तियां ही चढ़ाई जाती हैं। भगवान को हमेशा बेलपत्र की अच्छी पत्तियां ही चढ़ाएं. कटी-फटी पत्तियों को चढ़ाने से बचें।

ऐसे हुई बेल वृक्ष की उत्पत्ति

बेल वृक्ष की उत्पत्ति को लेकर ‘स्कंदपुराण’ में एक कहानी है। कहा जाता है कि एक बार माता पार्वती ने अपने माथे से पसीना पोछकर फेंका जिसकी कुछ बूंदें मंदर पर्वत पर जा गिरीं. इन्हीं बूंदों से बेल वृक्ष की उत्पत्ति हुई।

भगवान शिव को इस तरह चढ़ाएं बेलपत्र

भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करने का एक खास तरीका है। इसके अनुसार शिवजी को बेलपत्र हमेशा चिकनी सतह यानी उल्टा वाला भाग स्पर्श कराते हुए चढ़ाना चाहिए। इसे हमेशा अनामिका, अंगूठे और मध्यम उंगली की मदद लेते हुए चढ़ाना चाहिए। बेलपत्र अर्पण करने के साथ-साथ शिवजी को जल भी चढ़ाएं।

दोस्तों, उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह अर्टिकल पसंद आया होगा. पसंद आने पर लाइक और शेयर करना न भूलें।

Facebook Comments
Shikha Yadav

Share
Published by
Shikha Yadav

Recent Posts

शिशु की त्वचा की देखभाल कैसे करें? 7 आसान Baby Skincare Tips

नवजात शिशु की त्वचा (baby skin) को छूने का अहसास दुनिया का सबसे सुखद अनुभव…

3 weeks ago

रोते हुए बच्चे को शांत कैसे करें? 10 आसान और असरदार घरेलू तरीके

एक नए माता-पिता के तौर पर, बच्चे के रोने की आवाज़ से ज़्यादा परेशान करने…

2 months ago

नवजात शिशु की पहले 30 दिनों की देखभाल कैसे करें? (A Complete Guide for New Parents)

घर में एक नन्हे मेहमान का आना दुनिया की सबसे बड़ी खुशियों में से एक…

2 months ago

हिसार की छात्रा के बायोइन्फॉर्मेटिक्स शोध से दर्दनाक मस्तिष्क की चोट का अल्जाइमर से संबंध उजागर हुआ

हिसार, हरियाणा – हरियाणा के हिसार जिले के भाटोल जाटान गांव की कीर्ति बामल, जो…

6 months ago

मध्य प्रदेश टूरिज़्म 2025: एक प्रगति की कहानी — ‘Heart of Incredible India’

मध्य प्रदेश, जिसे हम गर्व से Heart of Incredible India कहते हैं, अब सिर्फ घूमने…

7 months ago

IRCTC अकाउंट को आधार से ऐसे करें लिंक, वरना तत्काल टिकट बुकिंग पर लग सकता है ताला!

अगर आप भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकट बुकिंग सेवा IRCTC का इस्तेमाल करते हैं, तो…

7 months ago