Kumbh Mela 2019 मकर संक्रांति के मौके पर पहले शाही स्नान के साथ ही प्रयागराज में कुंभ शुरू हो गया है। कहते है पहला ‘शाही स्नान’ स्वर्ग का दरवाजा खोलता है। यहाँ पर पूरे धूमधाम से शोभा यात्रा निकालते हुए निरंजनी और आनंद अखाड़े के साधु संतों ने संगम तट पर शाही स्नान किया।
कुम्भ के पहले शाही स्नान का पुण्य लाभ लेने के लिए लोगों का रेला रविवार देररात से ही उमड़ पड़ा है। शाही स्नान मंगलवार ब्रह्ममुहूर्त से शूरू हुआ। सबसे पहले महानिर्वाणी और अटल अखाड़े तड़के 5:15 बजे निकले और उसके बाद शाही स्नान किया। इसके बाद बाकी के ग्यारह अखाड़े बारी-बारी से संगम पहुंचे।
प्रशासन के अनुसार सोमवार दोपहर तक 33 लाख लोग स्नान कर चुके थे। पहले शाही स्नान के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रशासन का अनुमान है कि पहले शाही स्नान में सवा करोड़ आस्थावान पुण्य डुबकी लगाएंगे।
साधु-संतों के साथ आम श्रद्धालुओं भी संगम सहित अलग-अलग घाटों पर आधी रात से स्नान कर रहे हैं। कड़ी सुरक्षा के बीच घाटों पर नहाने और पूजा पाठ का सिलसिला जारी है। सर्दी में अलग-अलग अखाड़ों के साधु गंगा में डुबकी लगा रहे हैं। हर तपस्वी की यही इच्छा होती है कि वो धर्म के सबसे बड़े मेले में संगम तट पर शाही स्नान का हिस्सा बनें।
कुंभ के प्रथम शाही स्नान पर्व मकर संक्रांति पर मंगलवार दोपहर 12 बजे तक लगभग 85 लाख श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगाई। जूना अखाड़ा में शामिल किन्नर अखाड़ा ने सन्यासियों ने संगम पट पर शाही स्नान किया
मकर संक्रांति, पौष पूर्णिमा, मौनी अमावस्या, वसन्त पंचमी, माघी पूर्णिमा, महाशिवरात्रि। पौष महीने की 15वीं तिथि को पौष पूर्णिमा कहते हैं। जो 2019 में 21 जनवरी को होगी इसके बाद ही माघ महीने की शुरुआत होती है। कुंभ मेले में पांचवां स्नान 19 फरवरी को माघी पूर्णिमा के दिन होगा।
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