ज़रा हटके

जानिए क्यों इस गांव के लोग बरसों से हैं कुवारें

Barwaan Kala Bihar: भारत में हमेशा कुछ ना कुछ अजीब बातें और तथ्य सुनने और पढ़ने को मिल जाते हैं। उन पर भरोसा करना मुश्किल होता है लेकिन इन बातों को झुठलाया नहीं जा सकता। हमारे आसपास भी कई प्रकार की आशंका हमारे मन में भी बनी ही रहती है। इन आशंकाओं पर हम आसानी से भरोसा नहीं कर पाते हैं। इस अकल्पनीय दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं, इसी प्रकार का एक तथ्य बिहार के बरवा काला में छिपा हुआ है।

आखिर क्या है मामला? (Village of Bachelors)

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बिहार राज्य को अविकसित और पिछड़ा हुआ राज्य माना जाता है। यहां की कुछ बातें सच्चाई की ओर हमारा ध्यान खींचती हैं. बिहार में ही कैमूर पर्वत के पास स्थित बरवा काला गांव में ऐसा ही एक मामला देखा जाता है जहां पर लगभग 121 गांव के लोग अभी भी कुंवारे हैं। ऐसा माना जाता है कि इन गांव में कोई भी शादी हुए लगभग 50 वर्ष हो चुके हैं इसलिए इस गांव को “कुंवारों के गांव” के नाम से भी संबोधित किया जाता है।

क्या है वजह? (Barwaan Kala Bihar Story)

इस गांव में शादी के ना हो पाने का कारण यही बताया जाता है कि इस गांव में पर्याप्त सुख सुविधाओं की बहुत कमी है जिसकी वजह से लोग अपनी बेटी का इस गांव में विवाह करना सही नहीं मानते हैं। इस गांव में किसी प्रकार की भी सुविधाएं उपलब्ध नहीं है जैसे कि ना ही यहां अच्छी सड़कें हैं और ना ही पानी की उचित व्यवस्था है। इसके अलावा यहां के स्कूलों में शिक्षक की भी बहुत कमी है। जिस वजह से शिक्षा भी सही तरीके से नहीं हो पाती है। लोगों की आर्थिक स्थिति सही नहीं हो पाना भी एक वजह माना जाता है। यही वजह है कि दूसरे गांव के लोग कभी भी यहां शादी करना पसंद नहीं करते हैं।

राज्य सरकार है जिम्मेदार

जहां देश दिन प्रतिदिन आगे बढ़ रहा है, वहां बिहार में ऐसे किसी गांव का होना राज्य सरकार की ओर इशारा करता है। इंसानों के मूल अधिकार देना भी राज्य सरकार के कानून के अंतर्गत ही आता है। ऐसे में सरकार को ही जिम्मेदारी उठाते हुए सही दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।

नागरिकों की जागरुकता-

ऐसे किसी प्रकार का भी मामला होने पर नागरिकों को जागरूक होने की आवश्यकता है। ऐसा माना जाता है कि जागरूक होने के लिए शिक्षित होना आवश्यक है और इस गांव में शिक्षा का कोई मोल नही इसीलिए नागरिकों में जागरूकता का अभाव है। यदि नागरिक एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़े तो अवश्य ही उन्हें उनके अधिकार मिल सकते हैं।

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Sheena Kashyap

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