देश

मजदूरों की घर वापसी से बढ़ा कोरोना का कहर, ग्रीन जोन में भी पहुंचा संक्रमण

Rajasthan Labourers Corona Positive: घर से दूर फंसे लोगों की वापसी के लिए सरकार द्वारा ट्रेन चलाने का फैसला किया गया, ताकि हर कोई अपने अपने घर पहुंच सके, लेकिन अब इसका बुरा असर भी देखने को मिल रहा है। जी हां, प्रवासी मजदूरों के घर पहुंचने से उन इलाकों में भी कोरोना पहुंच गया, जहां इससे पहले नहीं था। इतना ही नहीं, जो जिले कोरोना मुक्त हुए थे, वहां फिर से संक्रमण ने धावा बोल दिया। दरअसल, मामला राजस्थान से सामने आ रहा है, जहां कोरोना ने एक बार फिर से वापसी कर ली है।

बाहर से आए प्रवासी मजदूरों की वजह से राजस्थान के कोरोना मुक्त जिलों में भी संक्रमण का बोलबाला हो गया है। मिली जानकारी के मुताबिक, अब तक ग्रीन जोन में रहे राजस्थान के 4 जिलों में कोरोना आ धमका है, तो वहीं मुक्त हुए 2 जिलों में भी उसने एक बार फिर से दस्तक दे दी है। बताया जा रहा है कि राजस्थान में अब तक 33 गांव और 22 कस्बों में 180 से अधिक प्रवासी मजदूर कोरोना पॉजिटिव निकले हैं, जिसकी वजह से संक्रमण का खतरा तेज़ी से बढ़ गया।

करीब तीन लाख प्रवासी मजदूरों की घर हुई वापसी

Image Source: ANI

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो अब तक करीब तीन लाख प्रवासी मजदूर राजस्थान आए हैं। इसके अलावा अनधिकृत रूप से दो लाख से ज्यादा प्रवासी राजस्थान आ चुके हैं। बता दें कि इनकी घर वापसी से कई जिलों में कोरोना का खतरा बढ़ गया है और लोगों के बीच डर का माहौल भी देखने को मिल रहा है।

ग्रीन जिलों में भारी पड़ी मजदूरों की घर वापसी

बता दें कि राजस्थान के जालोर-सिरोही, बारा, बाड़मेर और राजसमंद जैसे जिले ग्रीन जोन में थे, लेकिन यहां अब प्रवासी मजदूरों की वजह से कोरोना पहुंच गया है, ऐसे में यह सभी के लिए चिंता का विषय बन गया है।

यह भी पढ़े:

फिर हुई कोरोना की एंट्री

सरकारी आकड़ों की माने तो चूरू और भीलवाड़ा जिले में कोरोना खत्म हो गया था, लेकिन दूसरे राज्यों से आए प्रवासी मजदूर कोरोना पॉजिटिव पाए गए, जिसकी वजह से एक बार फिर से जिले में संक्रमण का खौफ देखने को मिल रहा है। बताया जा रहा है कि जालोर में तो बुधवार को 28 प्रवासी कोरोना लेकर 16 गांवों में पहुंच चुके थे। इतना ही नहीं, गुजरात बॉर्डर पर सैकड़ों लोग अपने घर जाने के लिए खड़े हुए और उनकी स्क्रीनिंग में लगे हुए नर्सिंग कर्मी भी कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं।

पूरे राज्य में अगर कोरोना के मामलों की बात की जाए तो अभी आंकड़ा 4,400 से ऊपर चला गया है और स्वास्थ्य विभाग को इस बात का डर है कि यदि इसी तरह प्रवासी मजदूर कोरोना लाते रहें, तो आकड़ों में तेज़ी से उछाल देखने को मिलेगा।

Facebook Comments
Shreya Pandey

Share
Published by
Shreya Pandey

Recent Posts

स्तनपान बनाम फ़ॉर्मूला दूध: आपके बच्चे के लिए क्या सही है?

माता-पिता बनने का सफर खुशियों के साथ-साथ कई बड़े फैसलों से भरा होता है। इनमें…

2 weeks ago

शिशु की त्वचा की देखभाल कैसे करें? 7 आसान Baby Skincare Tips

नवजात शिशु की त्वचा (baby skin) को छूने का अहसास दुनिया का सबसे सुखद अनुभव…

2 months ago

रोते हुए बच्चे को शांत कैसे करें? 10 आसान और असरदार घरेलू तरीके

एक नए माता-पिता के तौर पर, बच्चे के रोने की आवाज़ से ज़्यादा परेशान करने…

3 months ago

नवजात शिशु की पहले 30 दिनों की देखभाल कैसे करें? (A Complete Guide for New Parents)

घर में एक नन्हे मेहमान का आना दुनिया की सबसे बड़ी खुशियों में से एक…

3 months ago

हिसार की छात्रा के बायोइन्फॉर्मेटिक्स शोध से दर्दनाक मस्तिष्क की चोट का अल्जाइमर से संबंध उजागर हुआ

हिसार, हरियाणा – हरियाणा के हिसार जिले के भाटोल जाटान गांव की कीर्ति बामल, जो…

7 months ago

मध्य प्रदेश टूरिज़्म 2025: एक प्रगति की कहानी — ‘Heart of Incredible India’

मध्य प्रदेश, जिसे हम गर्व से Heart of Incredible India कहते हैं, अब सिर्फ घूमने…

8 months ago