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पूरी दुनिया में हो रही इस चूहे की बहादुरी के चर्चे, ब्रिटेन ने भी दिया गोल्ड मेडल

दुनिया में आए दिन कई अजीबोगरीब किस्से हमारे सामने आते रहते हैं। इसी बीच कंबोडिया(Cambodia) से भी एक हैरान करने वाला खबर हमारे सामने आई है। क्या कभी आप ऐसा सोच सकते हैं कि एक छोटा सा चूहा हजारों लोगों की जान बचा सकता है। आप सोच रहे होंगे कि शायद यह कोई मजाक की बात है लेकिन आपको बता दें कि कंबोडिया में ऐसा हुआ है। यही नहीं इस चूहे(Magawa) की बहादुरी का बाकायदा सम्मान भी किया गया है।

द गार्जियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक कंबोडिया में एक चूहे की बहादुरी का किस्सा सामने आया है। जहां मगावा(Magawa) नाम के एक विशाल चूहे ने अपनी सूंघने की क्षमता से 39 बारूदी सुरंगों का पता लगाया था। यही नहीं इस चूहे ने इस काम के दौरान 28 जिंदा विस्फोटकों का भी पता लगाया था। जिसके बाद उन्हें डिफ्यूज कर हजारों लोगों क जान बचाई जा सकी थी। इस चूहे की बहादुरी के चर्चे पूरी दुनिया में हो रहे हैं।

गोल्ड मेडल से सम्मानित

Image Source – Diariolibre.com

मगावा(Magawa) नाम के इस चूहे को उसकी वीरता के लिए बहादुरी का गोल्ड मेडल भी प्रदान किया गया है। अफ्रीकी नस्ल के इस चूहे को यह सम्मान ब्रिटेन की एक संस्था की ओर से दिया गया है। फिलहाल मगावा अभी सात साल का है। मगावा को ब्रिटेन की एक चैरिटी संस्था पीडीएसए ने बीते शुक्रवार को इस पुरस्कार से सम्मानित किया है।

बताया जा रहा है कि मगावा(Magawa) ने दक्षिण पूर्व एशियाई देश कंबोडिया में 15 लाख वर्ग फीट के इलाके को बारूदी सुरंगों से मुक्त बनाने में मदद की थी। यह बारूदी सुरंगें 1970 और 1980 के दशक की थीं। दरअसल इसी दौरान कंबोडिया में गृह युद्ध छिड़ा था। इस युद्ध के दौरान यहां पर दुश्मनों को मारने के लिए काफी बड़े इलाके मं बारूदी सुरंगों को बिछाया गया था। हालांकि युद्ध को खत्म हुए तो काफी समय बीत गया लेकिन यह बारूदी सुरंगें अभी भी लोगों की जान ले रहीं थीं।

Image Source – Nypost.com

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चूहों को मिलती है ट्रेनिंग

मगावा(Magawa) ने जिस काम को अंजाम दिया है, वह कोई साधारण काम नहीं है। दरअसल इस काम के लिए यहां पर चूहों को खास ट्रेनिंग दी जाती है। उन्हें सिखाया जाता है कि विस्फोटकों में कैसे रासायनिक तत्वों का पता लगान है और बेकार पड़ी धातु को अनदेखा करना है। ऐसे में यह चूहे ट्रेन्ड होकर जल्द से जल्द बारूदी सुरंगों का पता लगा सकते हैं।

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Anupam Pandey

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