देश

भारत में शुरु हुआ ऑक्सफॉर्ड की कोरोना वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) का उत्पादन, जुलाई तक बन जाएंगे लाखों डोज

Serum Institute Of India Manufactured Coronavirus Vaccine: कोरोना वायरस की वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल ब्रिटेन, चीन, अमेरिका और भारत समेत कई देशों में जारी है। ऐसे में हर किसी के मन में यही सवाल है कि आखिर कौन सा देश इस महामारी की पहली वैक्सीन बनाने में सफल रहेगा। इसी बीच ऑक्सफॉर्ड यूनिवर्सिटी से एक अच्छी खबर आ रही है। दरअसल, ऑक्सफॉर्ड की प्रायोगिक वैक्सीन ChAdOx1 nCoV-19 (Corona virus Vaccine) अपने क्लिनिकल ट्रायल के अंतिम चरण में पहुंच गई है, जिसका उत्पादन भारत की एक कंपनी भी करेगी।

दरअसल, कोरोना वायरस को पूरी तरह से हराने के लिए वैक्सीन का इंतजार बेसब्री से किया जा रहा है। इसी कड़ी में दुनियाभर के वैज्ञानिक वैक्सीन की खोज में जुटे हुए हैं, जिसमें सफलता ऑक्सफॉर्ड यूनिवर्सिटी को लगती हुई नजर आ रही है। ऐसे में, भारत के पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को ऑक्सफोर्ड वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) का उत्पादन करने की जिम्मेदारी मिली है।

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक का बड़ा बयान

Image Source – Pexels

कोरोना की वैक्सीन को लेकर पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक सुरेश जाधव ने द हिंदू को बताया कि ऑक्सफोर्ड वैक्सीन के पहले चरण के ट्रायल के सकारात्मक परिणाम आने के बाद कंपनी वैक्सीन की 20-30 लाख डोज बनाएगी। इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि यदि दूसरा तीसरा ट्रायल भी सफल रहा, तो उत्पादन बढ़ा दिया जाएगा। मतलब साफ है कि भारत भी ऑक्सफोर्ड यूनिर्वसिटी से कदम से कदम मिलाकर चल रहा है और यदि सब ठीक ठाक रहा, तो जुलाई तक भारत में भी लाखों डोज बनकर तैयार रहेंगे।

वैक्सीन को दिया गया है AstraZeneca का लाइसेंस (Coronavirus Vaccine)

Image Source – Pexels

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो इस वैक्सीन को AstraZeneca का लाइसेंस दिया गया है, जो भारत में सीरम इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर वैक्सीन बनाएगी। कहा जा रहा है कि वैक्सीन के आखिरी चरण का ट्रायल यूके के 10, 260 वयस्को और बच्चों पर किया जाएगा। इसी बीच दावा किया जा रहा है कि यह वैक्सीन अपने आखिरी चरण में भी सफल रहेगी, जिसकी वजह से बहुत ही जल्द खुशखबरी मिल सकती है।

यह भी पढ़े

मिली जानकारी के मुताबिक, इस वैक्सीन का प्रयोग जानवरों पर किया गया, जिस पर अच्छा परिणाम देखने को मिला। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में जेनर इंस्टीट्यूट के निदेशक और प्रोजेक्ट लीडर प्रोफेसर एड्रियन हिल का कहना है कि यह कोरोना की पहली वैक्सीन है, जिसे मानव ट्रायल के लिए सहमति दी गई है। ऐसे में, उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि अगर सब ठीक रहा, तो अक्टूबर में यह वैक्सीन मॉर्केट में आ जाएगी।

Facebook Comments
Shreya Pandey

Share
Published by
Shreya Pandey

Recent Posts

हिमाचल प्रदेश की वो झील जहां अंधेरे में आती हैं परियां, जानें क्या है इस फेमस लेक का राज़

Facts About Chandratal Lake In Hindi: भारत में हज़ारों की संख्या में घूमने की जगहें…

5 months ago

घर में ही शुगर लेवल को ऐसे करें मैनेज, डॉक्टर के चक्कर काटने की नहीं पड़ेगी ज़रूरत

Blood Sugar Control Kaise Kare: आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में कई बीमारियों को समाज…

5 months ago

इन बीमारियों का रामबाण इलाज है गोंद कतीरा, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका

Gond Katira Khane Ke Fayde: आयुर्वेद विज्ञान से भी हज़ारों साल पुराना है। प्राचीन ग्रंथों…

5 months ago

दिलजीत दोसांझ को फैन के साथ किया गया फ्रॉड, सिंगर के इस कदम ने जीता सबका दिल

Diljit Dosanjh Concert Scam: भारतीय गायक दिलजीत दोसांझ किसी परिचय के मोहताज नहीं है। वे…

5 months ago

आखिर क्या है वायु कोण दोष? जानिए ये कैसे होता है और इसके प्रभाव क्या हैं?

Vayu Kon Dosha Kya Hota Hai: पौराणिक मान्यताओं व ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा माना…

5 months ago