देश

उन्नाव रेप केस मामला: विधायक कुलदीप सेंगर कोर्ट में आरोपी करार इस तारीख को सुनाई जाएगी सजा

बलात्कार के आरोपी और बीजेपी से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को कोर्ट ने बलात्कार के मामले में आरोपी करार दिया है। कुलदीप सेंगर के खिलाफ दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने आज अपना फैसला सुनाया। उल्लेखनीय है कि साल 2017 में अपहरण और बलात्कार के मामले में विधायक कुलदीप सिंगर को दोषी करार दिया गया है। साथ ही इस दौरान कोर्ट ने चार्जशीट दाखिल करने में देरी को लेकर सीबीआई को भी फटकार लगाया है।

19 तारीख को किया जाएगा सजा का ऐलान

आपको बता दें कि इस मामले में कोर्ट 19 तारीख को सजा का ऐलान कर सकता है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा सेंगर की सजा का ऐलान 19 तारीख को किया जाएगा। उन्नाव केस में एक मामले पर कोर्ट ने फैसला सुनाया है। लेकिन फिलहाल अभी 4 अन्य मामलों में कोर्ट का फैसला आना बाकी है। इस दौरान कोर्ट ने विधायक कुलदीप सेंगर की मोबाइल लोकेशन को अहम सबूत माना। अपने फैसले में अदालत ने कहा कि इस बात के सबूत हैं कि पीड़िता को शशि सिंह ही दोषी विधायक के पास लेकर गई थीं।

hindustan times

2017 में नाबालिग का किया था रेप

विधायक कुलदीप सेंगर ने 2017 में उन्नाव की एक युवती का अपहरण करने के बाद उससे बलात्कार किया था इस दौरान युवती नाबालिग थी। अदालत ने कुलदीप सेंगर के साथ-साथ इस मामले में अन्य आरोपी शशि सिंह के खिलाफ भी आरोप तय किए हैं।उत्तर प्रदेश की बांगरमऊ विधानसभा सीट से चौथी बार विधायक बने सेंगर को इस मामले के बाद अगस्त 2019 में बीजेपी से निष्कासित कर दिया गया था। अदालत ने 9 अगस्त को विधायक और सिंह के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, अपहरण, बलात्कार और पॉक्सो कानून से संबंधित धाराओं के तहत आरोप तय किए थे।

पीड़िता की हो चुकी है हत्या

आपको बता दें कि पिछले दिनों बुरी तरह जल जाने के कारण पीड़िता की मौत हो चुकी है। सुनवाई के लिए जाने के दौरान आरोपियों ने पीड़िता पर हमला कर दिया था। साथ ही उसके ऊपर किरासन तेल डालकर आग लगा दी थी। जिसके बाद दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इससे पहले पीड़ित युवती की कार को 28 जुलाई के दिन एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी, जिसमें वह गंभीर रूप से जख्मी हो गई थी। दुर्घटना में युवती की 2 रिश्तेदार मारे गए और उनके परिवार ने इसमें षड्यंत्र होने के आरोप लगाए थे। सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव बलात्कार मामले में दर्ज सभी पांच मामलों को एक अगस्त को उत्तर प्रदेश में लखनऊ की अदालत से दिल्ली की अदालत में स्थानांतरित किया था। सर्वोच्च अदालत ने निर्देश दिया था कि रोजाना आधार पर सुनवाई की जाए।

Facebook Comments
Mritunjay Tiwary

Share
Published by
Mritunjay Tiwary

Recent Posts

शिशु की त्वचा की देखभाल कैसे करें? 7 आसान Baby Skincare Tips

नवजात शिशु की त्वचा (baby skin) को छूने का अहसास दुनिया का सबसे सुखद अनुभव…

4 weeks ago

रोते हुए बच्चे को शांत कैसे करें? 10 आसान और असरदार घरेलू तरीके

एक नए माता-पिता के तौर पर, बच्चे के रोने की आवाज़ से ज़्यादा परेशान करने…

2 months ago

नवजात शिशु की पहले 30 दिनों की देखभाल कैसे करें? (A Complete Guide for New Parents)

घर में एक नन्हे मेहमान का आना दुनिया की सबसे बड़ी खुशियों में से एक…

2 months ago

हिसार की छात्रा के बायोइन्फॉर्मेटिक्स शोध से दर्दनाक मस्तिष्क की चोट का अल्जाइमर से संबंध उजागर हुआ

हिसार, हरियाणा – हरियाणा के हिसार जिले के भाटोल जाटान गांव की कीर्ति बामल, जो…

6 months ago

मध्य प्रदेश टूरिज़्म 2025: एक प्रगति की कहानी — ‘Heart of Incredible India’

मध्य प्रदेश, जिसे हम गर्व से Heart of Incredible India कहते हैं, अब सिर्फ घूमने…

7 months ago

IRCTC अकाउंट को आधार से ऐसे करें लिंक, वरना तत्काल टिकट बुकिंग पर लग सकता है ताला!

अगर आप भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकट बुकिंग सेवा IRCTC का इस्तेमाल करते हैं, तो…

7 months ago