Type Of Diabetes In Hindi: डायबिटीज दुनियाभर में एक ऐसी बीमारी के रूप में सामने आ रही है जो बेहद तेज़ी से बच्चों से लेकर युवाओं को अपना निशाना बना रही है। WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समय 53.7 करोड़ से ज्यादा लोग देश भर में डायबिटीज का शिकार हैं। डायबिटीज़ से दिल का दौरा और हार्ट स्ट्रोक आने की पूरी संभावना है। इसके साथ-साथ इससे किडनी फ़ेल जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है।
डायबिटीज दो प्रकार की होती है। टाइप-1 और टाइप-2। डायबिटीज का शुरुआती दौर टाइप-1 होता है। इसे कंट्रोल किया जा सकता है। वहीं, टाइप-2 डायबिटीज में मरीज के शरीर में ब्लड शुगर लेवल बहुत ज्यादा हो जाता है। इसे कंट्रोल करना मुश्किल है।
टाइप 1 डायबिटीज में पेंक्रियाज में हार्मोन इंसुलिन बनना बंद हो जाता है। इससे खून में ग्लूकोज़ की मात्रा बढ़ने लगती है। बता दें कि भारत में टाइप 1 डायबिटीज की समस्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। रिपोर्ट्स की मानें तो, पिछले साल दुनियाभर में डायबिटीज से 67 लाख से ज्यादा लोगों की मौतें हुई थीं। जिनमें से 20 से 79 साल के आयु के ज्यादा लोग थे।
ताजा रिपोर्ट बताती है कि टाइप 1 डायबिटीज देश भर में बच्चों और किशोरों में सबसे ज्यादा बढ़ता है। जहां 2021 तक 12.11 लाख से ज्यादा बच्चे और किशोर इससे संघर्ष कर रहे थे। तो वहीं इनमें से आधे से ज्यादा की उम्र तो 15 साल से कम की थी। दरअसल, भारत में टाइप 1 डायबिटीज बच्चों और किशोरों में 2.29 लाख से ज्यादा है।
माना जाता है टाइप-1 डायबिटीज व्यक्ति को जीवन भर इंसुलिन का इंजेक्शन लेना पड़ता है। इसका कोई ठोस इलाज अभी तक नहीं मिला है। आमतौर पर टाइप-1 डायबिटीज पश्चिमी देशों में काफी पाई जाती है। टाइप-1 डायबिटीज को जुवैनाइल डायबिटीज भी कहा जाता था।
भारत में पिछले सालों की बात करें तो टाइप 1 डायबिटीज के 24 हजार से ज्यादा नए मरीज सामने आए हैं। जिसका मतलब, आए दिन 65 से ज्यादा बच्चे और किशोर टाइप 1 डायबिटीज का शिकार बने है। डायबिटीज से जूझ रहे लोगों की कोरोना महामारी की चपेट में आने की संभावना ज्यादा है।
टाइप 2 डायबिटीज में पेंक्रियाज में जरूरत के हिसाब से इंसुलिन नहीं बनता है या हार्मोन ठीक से काम नहीं करते हैं। टाइप 2 डायबिटीज अधेड़ और वृद्ध लोग, मोटे और शारीरिक श्रम न करने वाले युवा या दक्षिण एशियाई देशों में रहने वाले लोगों को हो सकता है।
डायबिटीज से बचने के लिए खून में ग्लूकोज की मात्रा को कंट्रोल करके खुद को डायबिटीज से बचाया जा सकता है। जिसमें प्रोपर डाइट और व्यायाम फोलो करके भी इससे बचा जा सकता है। वहीं, इसकी जगह रोजाना की डाइट में सब्जियां, फल, फलियां, और साबुत अनाज शामिल कर सकते हैं।
इसके साथ-साथ सेहतमंद तेल, बादाम और मेकेरल जैसी मछलियों को भी अपने आहार में शामिल करने से खुद को डायबिटीज से बचाया जा सकता है।
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