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लेफ्टिनेंट गरिमा यादव: पूर्व सौंदर्य प्रतियोगिता विजेता भारतीय सेना में बनी अफसर। (Lieutenant Garima Yadav)

Lieutenant Garima Yadav: गरिमा यादव के भारत के मिस चार्मिंग फेस से लेकर भारतीय आर्मी ऑफिसर बनने तक का यह सफर कई लोगों को प्रेरित करता है। खूबसूरत महिलाओ की रूचि अधिकतर मॉडलिंग और एक्टिंग में होती है परन्तु गरिमा यादव ने ब्यूटी कॉन्टेस्ट जितने के बाद भी अपना जीवन देश की सेवा करने के लिए समर्पण कर दिया। गरिमा यादव ने यह साबित कर दिया है कि एक देशभक्त को अपने देश की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए और अगर वह सभी संभव परिश्रम करता है, तो कुछ भी संभव है। देश के प्रति गरिमा के इस प्रेम ने उन्हें “इंडिया’स मिस चार्मिंग फेस” (‘India’s Miss Charming Face’) से आर्मी अफसर “लेफ्टिनेंट गरिमा यादव” (Lieutenant Garima Yadav।) में बदल दिया।

गरिमा ने नवंबर 2017 में ‘इंडियाज मिस चार्मिंग फेस-2017’ का ख़िताब जीता था, और उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अगले मुकाबले के लिए चुना गया था। यह ख़िताब जीतना भी कोई आम बात नहीं है, गरिमा ने 20 राज्यों की लड़कियों को पछाड़ कर यह ख़िताब हासिल किया था। यह प्रतियोगिता जीतने के बाद उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मुकाबले की बजाए अपने सपने को पूरा करने की ठानी। उन्होंने ओ.टी.ऐ. चेन्नई (OTA, Chennai) में शामिल होने का फैसला किया।

रेवाड़ी के सुरहेली गांव की गरिमा यादव ने अपनी स्कूली शिक्षा शिमला के आर्मी पब्लिक स्कूल से पूरी की और मॉडलिंग में कदम रखा, यह उनकी पहली कैरियर पसंद नहीं थी। उन्हें फिर दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफन कॉलेज में प्रवेश मिला। गरिमा आई.ऐ.एस.(IAS) बनना चाहती थी परन्तु वह इसके दूसरे स्तर की परीक्षा उत्तरीण नहीं कर पायी, फिर बाद में उन्होंने आर्मी की परीक्षा पास की। गरिमा (All India Rank of Officers’ Training Academy, Women) ऑल इंडिया रैंक ऑफ़ ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी, महिलाओं में भी दूसरे स्थान पर रहीं।

गरिमा यादव ने सीडीएस 1 2017 में AIR -2 हासिल किया और OTA चेन्नई में शामिल हो गईं।

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“मैं एक सिंगल मदर-चाइल्ड हूं, और मेरी माँ मेरे हर उतार-चढ़ाव में मेरे लिए रही है, जिससे मुझे प्रेरणा मिली, वह एक मजबूत महिला है और मेरी सच्ची प्रेरणा मैं सिर्फ उसे गर्व करना चाहती हूँ। मैं आर्मी पब्लिक स्कूल ददसघई (शिमला) से हूँ और सेंट स्टीफन कॉलेज, नई दिल्ली से बीए इकोनॉमिक्स किया। मैं सिविल सेवाओं की तैयारी कर रही थी, लेकिन मुझे लगता है कि सेना ही मेरी सच्ची पुकार थी”गरिमा यादव

“लोगों की गलत धारणा है कि आपको एसएसबी में चयनित होने के लिए शारीरिक रूप से मजबूत होना, सभी खेलों में अच्छा होना चाहिए, यह सच नहीं है।”गरिमा यादव

गरिमा यादव के इस कदम ने देश की बहुत सी लड़कियों को प्रभावित किया है।

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