धर्म

वृंदावन नहीं बल्कि हिमालय की गोद में स्थित है भगवान श्री कृष्ण का मंदिर, महाभारत काल से है नाता

India’s Highest Krishna Temple In Himachal Pradesh: देश में त्रिलोकी स्वामी भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्री कृष्ण के कई लोकप्रिय मंदिर हैं। उन्हीं मंदिरों में से एक हिमाचल प्रदेश के किनौर जिले में भगवान श्री कृष्ण का सबसे ऊंचा मंदिर स्थित है। भक्तों को यहां जाने के लिए पैदल चलना पड़ता है, जोकि थोड़ा भक्तों के लिए मुश्किल है। भारत देश में सबसे अधिक लोकप्रिय यात्रा स्थानों में से एक, हिमाचल प्रदेश देशवासियों के लिए कुछ न कुछ आनोखा नजारा जरूर पेश करता है।

अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं, तो यहां आप को विभिन्न प्रकार के हिल स्टेशन, जहा आप घूमने के लिए जा सकते हैं। यदि आप धार्मिक चीजों से लगाव रखते हैं तो यहां अपने आँगन में गौरवशाली इतिहास और संस्कृति को समेटे हुए कई मंदिरें हैं। उन्ही में से एक है, भगवान श्री कृष्ण का मंदिर जिसे पूरी दुनिया में सबसे ऊंची मंदिर के रूप में जाना जाता है। आज के इस लेख में हम आपको दुनिया की सबसे ऊंची श्री कृष्ण मंदिर के बारे में बताएंगे, जो हिमालय की गोद में स्थित है।

भारत देश का सबसे ऊंचा मंदिर(India’s Highest Krishna Temple In Himachal Pradesh)

भारत में भगवान श्री कृष्ण का सबसे ऊंचा मंदिर हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित है। युला कांडा एक पैदल चलने वाले रास्ते का नाम है, जहा से आप हिमालय के रास्ते से एक लंबी पैदल यात्रा करके भगवान श्री कृष्ण के सबसे ऊंचे मंदिर का रास्ता तय कर सकते है। यह ट्रैक बहुत ही कठिन है लेकिन प्रभु के भक्त इस ट्रैक को भी आसानी के साथ पूरा कर लेते हैं।

Image Source: WordPress.com

कृष्ण मंदिर के पीछे स्थित है खूबसूरत झील

भगवान श्री कृष्ण का यह प्रसिद्ध मंदिर एक झील के किनारे स्थित है। यहाँ पर निवास करने वाले लोगों का मानना है कि, इस झील का निर्माण पांचों पांडवों ने अपने वनवास के दौरान किया था। सभी पांडव भाइयों ने मिलकर यह झील भगवान श्री कृष्ण को समर्पित कर दिया था।

युला कुंडा की यात्रा

युला कुंडा की यात्रा खास गाँव से शुरू होती है, जो आप को भगवान श्री कृष्ण के मंदिर तक ले जाती है। मंदिर तक जाने के लिए और भी कई रास्ते है। चूंकि यह एक पहाड़ी रास्ता है इसी वजह से इसमें की प्रकार की मुश्किलों से सामना करना पड़ता है। लेकिन यह रास्ता इतना भी भयावह नहीं की आप से पार भी न जाए। इस रास्ते में चलते समय आप को हिमालय पर्वत शृंखला के खूबसूरत नजारे देखने को मिलेंगे। यदि आप इस रास्ते के मनमोहक नजारों को देखना चाहते हैं तो इसके लिए मई से नवंबर के बीच का समय सबसे बढ़िया रहता है।

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