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रामायण के लक्ष्मण की जब सेट पर ही खुल गई थी धोती, सुनील ने सुनाया किस्सा

Ramayan Sunil Lahri: दुनियाभर में कोरोना संकट की वजह से इस वक्त कई देशों में लॉकडाउन की स्थिति बनी हुई है। भारत में भी कोरोना तेजी से अपने पांव पसारता जा रहा है। उस पर नियंत्रण के लिए सरकार की ओर से लॉकडाउन की अवधि को 17 मई तक बढ़ा दिया गया है। लॉकडाउन के दौरान लोगों को घरों के अंदर सीमित रखने और उनकी बोरियत को दूर करने के लिए दूरदर्शन पर धार्मिक सीरियल्स का प्रसारण फिर से किया जा रहा है। इसी क्रम में रामायण का भी प्रसारण दूरदर्शन पर किया जा चुका है और 90 के दशक के जैसी लोकप्रियता दोबारा प्रसारित होने पर भी रामायण को हासिल हुई है।

किस्से शेयर कर रहे – Ramayan Sunil Lahri

रामानंद सागर के निर्देशन में बने रामायण में लक्ष्मण का किरदार सुनील लहरी ने निभाया है। जब से रामायण का प्रसारण दूरदर्शन पर हुआ है और लोगों के बीच इसने लोकप्रियता बटोरी है, तब से सुनील लहरी की ओर से लगातार रामायण से जुड़ा कोई-न-कोई किस्सा शेयर किया जा रहा है। इसी क्रम में सोशल मीडिया में सुनील लहरी की ओर से एक और वीडियो शेयर किया गया है। इस वीडियो में सुनील ने भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की महल में गुरुकुल से वापसी वाले सीक्वेंस की शूटिंग से जुड़ी हुई एक रोचक बात बताई है। इस दौरान दो अलग-अलग किस्से सुनील लहरी की ओर से शेयर किए गए हैं।

जब खुल गई थी धोती

पहले किस्से को शेयर करते हुए सुनील लहरी ने बताया है कि एक बार सेट पर उनकी धोती ही खुल गई थी। सुनील ने बताया कि यह तब की बात है जब राम की भूमिका निभाने वाले अरुण गोविल, भरत का किरदार निभाने वाले संजय जोग और शत्रुघ्न का किरदार निभाने वाले समीर राजदा गुरुकुल से महल वापस जाने वाले सीक्वेंस की शूटिंग में व्यस्त थे। सुनील ने बताया है कि इस सीक्वेंस की शूटिंग के दौरान जब महल के सामने वे लोग पहुंचे थे और सभी उनका स्वागत कर रहे थे, उसी दौरान उनकी धोती खुल गई थी। हालांकि, कमरबंद उन्होंने पहना हुआ था, जिसकी वजह से पूरी तरह से धोती नहीं खुल पाई थी। सुनील लहरी ने बताया कि उनके अनुरोध करने पर तब समीर राजदा ने पीछे से उनकी धोती पकड़ी हुई थी। जब तक शूट पूरा नहीं हुआ, उन्होंने धोती को पकड़े रखा।

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शुरू हुई गुदगुदी

इसी सीन से जुड़ा हुआ दूसरा किस्सा भी सुनील लहरी ने सुनाया है। उन्होंने बताया कि जब उबटन चारों भाइयों को लगाया जा रहा था तब उन्हें गुदगुदी होने लगी थी। सुनील ने कहा कि उबटन लगाने वालों के हाथ बार-बार उनकी कांख पर चले जा रहे थे। इससे उन्हें गुदगुदी महसूस हो रही थी। ऐसे में शूटिंग करना कठिन हो रहा था। फिर भी किसी तरीके से उन्होंने अपनी हंसी पर नियंत्रण रखा और शूटिंग पूरी की। शूटिंग पूरी होने के बाद सुनील के अनुसार वे अपनी हंसी रोक नहीं पाए थे और जोरदार ठहाका उन्होंने लगाया था।

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