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माँ की ममता पर भारी पड़ा कोरोना का खौफ, डर के मारे बेटे-बहू को नहीं आने दिया अंदर

Coronavirus: कोरोना ने पूरी दुनिया में न सिर्फ अर्थव्यवस्था को ध्वस्त किया है, बल्कि खून के रिश्ते को भी झुकने पर मजबूर कर दिया है। जी हां, भारत देश में मां और बेटे के रिश्ते की मिसाल दी जाती है। कहा जाता है कि यदि बेटा कहीं चला जाए और वो वापस आए, तो इससे बड़ी खुशी की बात मां के लिए कुछ होती ही नहीं है, लेकिन कोरोना काल में एक मां ने अपने बेटे के मुंह पर दरवाजा बंद कर दिया। वजह कुछ और नहीं, बल्कि कोरोना का डर है। तो चलिए विस्तार से जानते हैं कि पूरी खबर क्या है?

गांव में रोजगार के साधन नहीं होने की वजह से सभी लोग शहरों की तरफ भागते हैं, लेकिन अब जब उनकी रोजी रोटी छीन गई है, तो एक बार फिर से उन्हें अपना गांव याद आ रहा है। ऐसा ही एक मामला महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में देखने को मिला। यहां एक शख्स कमाने के लिए औरंगाबाद गया, लेकिन अब जब वहां उसके पास कुछ नहीं बचा, तो वह अपने गांव वापस आया। गांव वापस आने पर उसे उम्मीद थी कि उसकी मां देखते ही उसे गले लगा लेगी, लेकिन मां ने उसके मुंह पर दरवाजा बंद कर दिया। इतना ही नहीं, पूरे गांव में उसकी मदद किसी ने नहीं की। शख्स अपनी बीवी और बच्ची के साथ चंद घंटे बाहर ही खड़ा और फिर आखिकार मां की ममता जागी।

प्रधान से की मिन्नतें

Source – Aaj Tak

शख्स ने बताया कि उसने गांव के प्रधान से कहा कि उसके लिए स्कूल खोल दिया जाए, जहां वह खुद को क्वारनटीन कर लेगा, लेकिन प्रधान ने भी कोरोना के डर से स्कूल खोलने से मना कर दिया। ऐसे में शख्स अपनी बीवी और बच्ची के साथ प्रधान के सामने घंटों खड़ा रहा, लेकिन प्रधान अपनी जिद पर अड़ा रहा। दरअसल, अब शहर से गांवों की तरफ पलायन कर रहे हैं, ऐसे में गांवों में कोरोना का खतरा बढ़ता ही जा रहा है।

मौके पर पहुंची पुलिस

मामले की जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने गांव प्रधान को समझाया, जिसके बाद उसने स्कूल खोलने की अनुमति दी। जब स्कूल खुला, तब जाकर शख्स और उसके परिवार के चेहरे पर मुस्कान देखने को मिली। बता दें कि कोरोना का डर इस कदर हो गया कि लोग अब अपनों से भी डरने लगे हैं, जो किसी भी सूरत में गलत नहीं है। दरअसल, कोरोना एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल रहा है, ऐसे में समझदारी इसी में है कि दो गज की दूरी बनाए रखें।

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आखिरकार जागी मां की ममता

बेटे, बहू और पोती की हालत देखकर आखिरकार मां की ममता जागी और वह फौरन अपने बच्चों के लिए खाना लेकर पहुंच गई। अब शख्स अपने परिवार के साथ स्कूल में है। 14 दिन के बाद वह अपनी मां के घर में जाएगा। कोरोना संक्रमण की बात करें, तो पूरे भारत में अब ये 80 हजार का आकड़ा पार कर चुका है, जो कि चिंता का विषय है। ऐसे में भारत सरकार की तरफ से बार बार लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है, ताकि कोरोना को फैलने से रोका जा सके।

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