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जानें कोरोना की वजह से हज यात्रा की प्रक्रिया और प्रोटोकॉल में कौन से अहम बदलाव हुए हैं।

Hajj 2020: हज पर जाना हर मुसलमान का सपना होता है, हर एक मुस्लिम व्यक्ति अपने जीवनकाल में एक ना एक बार हज पर जाना जरूर चाहता है। इस साल भी हज का आयोजन हो रहा है लेकिन कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सऊदी अरब ने इस साल हज यात्रा के कुछ प्रक्रियाओं के साथ ही उसके प्रोटोकॉल में भी अहम बदलाव किए हैं। जैसा कि, आप सभी जानते होंगें हर साल हज यात्रा के लिए भारत, पाकिस्तान, बंग्लादेश सहित इंडोनेशिया ने मुसलमान हज यात्रा पर जाते हैं। एबीपी न्यूज़ के हवाले से मिली खबर के अनुसार इस साल कोरोना वायरस की वजह से सभी मुस्लिमों को हज यात्रा पर जाने का मौका नहीं मिल पायेगा। आइये आपको इस बारे में विस्तार से बताते हैं।

हज यात्रा के लिए सऊदी अरब ने बनाए कठोर नियम (Know what are the important changes in the process of Hajj)

Image Source: Aa.com.tr

आपको जानकर शायद हैरानी हो लेकिन इस साल केवल सऊदी अरब निवासी ही हाजी बन सकेंगे। जी हाँ मिली जानकारी के अनुसार कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सऊदी अरब ने इस साल अन्य किसी भी देश के मुस्लिम नागरिक को हज यात्रा की अनुमति नहीं दी है। नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए हज यात्रा में इस साल केवल एक हज़ार लोगों को शामिल होने की ही अनुमति है। आपको बता दें कि, हर मुसलमान का सपना होता है हाजी बनने का लेकिन इस साल ये मौका सिर्फ सऊदी अरब के लोगों को ही मिल पायेगा वो भी सीमि संख्या में। गौरतलब है कि, सऊदी अरब सरकार ने हज के नियमों में कठोर बदलाव करते हुए इस साल सऊदी अरब में रहने वाले 70 प्रतिशत नागरिक और 30 प्रतिशत गैर सऊदी नागरिकों के लिए हज यात्रा की अनुमति दी है। इस यात्रा में विशेष रूप से स्वास्थ्यकर्मी और सुरक्षाकर्मियों को विशेष जगह दी जाएगी।

हज यात्रियों को करना होगा इन प्रोटोकॉल का पालन

गौरतलब है कि, इस साल सऊदी अरब की सरकार ने कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए हज के कुछ प्रोटोकॉल में भी बदलाव किए हैं। हज के नए प्रोटोकॉल के तहत इस बार हज यात्रियों को खाना-ए-काबा को छूने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही साथ सभी हज यात्रियों को समूह में नमाज़ पढ़ने की अनुमति होगी और ना ही तवाफ़ को छूने की इजाज़त होगी। आपको बता दें कि, सऊदी अरब सरकार ने कड़े नियमों के साथ ही हज के दौरान सोशल डिस्टैन्सिंग का पालन करने का भी प्रोटोकॉल बनाया है। सभी को डेढ़ मीटर की दूरी पर रहना अनिवार्य होगा। इस प्रोटोकॉल में एक महत्वपूर्ण बात यह भी कही गई है कि, मोना, मुजदलिफ़ा और अराफत को छूने की इजाज़त केवल हज परमिट वालों को ही होगा। हज के दौरान सभी को फेस मास्क पहनना अनिवार्य होगा और इससे पहले एवं बाद में क्वारंटाइन रहने का भी प्रोटोकॉल जारी किया गया है। जानकारी हो कि, हर साल हज के लिए करीबन 20 लाख लोग सऊदी अरब जाते थे, कोरोना संक्रमण ना फैले इसलिए इस साल गैर देश के मुसलमाओं को सऊदी अरब जाने की अनुमति नहीं है।

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Indira Jha

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