Pradhan Mantri Shram Yogi Mandhan: वैसे तो देश में अलग-अलग सरकारों ने कई तरह की स्कीम लाकर आम जनता को इसका लाभ दिया है मगर जब से मोदी सरकार सत्ता में आई तब से हर क्षेत्र में आम जनता के हित के बारे में सोचा गया है। मोदी सरकार ने लड़कियों, बेरोजगार युवाओं और बुजुर्गों के लिए जो भी योजनाएं लागू की हैं इसका फायदा आम जनता को निरंतर मिल रहा है। इनमें से एक प्रधानमंत्री श्रमधन योजना भी है जो 15 फरवरी, 2019 को पूरे देश में लागू किया जा चुका है लेकिन बहुत से लोग इस योजना के बारे में अनजान हैं तो आज के इस लेख में हम आपको labor yogi mannhan yojana के बारे में बताएंगे, अगर आपको भी इसके बारे में नहीं पता है तो इसे पूरा पढ़ें।

क्या है प्रधानमंत्री श्रमधन योजना? (Pradhan Mantri Shram Yogi Mandhan in Hindi)

तत्कालीन वित्त मंत्री पियूष गोयल ने 1 फरवरी को अपने अंतरिम बजट में प्रधानमंत्री श्रमधन योगी योजना या मानधन योजना के बारे में बताया था। इस योजना में कामगार को 3000 रुपये महीने की मासिक पेंशन दिए जाने का ऐलान हुआ था। श्रम मंत्रालय ने इस योजना का नोटिफिकेशन जारी करते हुए बताया था कि ये योजना 15 फरवरी से लागू होगी। इस योजना में असंगठित क्षेत्र के 18 से 40 साल की उम्र वाले कामगार को 3000 रुपये की पेंशन दी जाएगी और वो ही इसके सदस्य बन सकेंगे। इस योजना के कुछ महत्वपूर्णं तथ्य कुछ इस प्रकार हैं..

  1. 15 हजार रुपये तक मासिक आय वाले कामगारों को ही इस योजना का लाभ मिल सकेगा।
  2. 18 साल से 40 साल तक की उम्र वाले मानधन योजना में शामिल होंगे।
  3. इस योजना में 29 साल की उम वाले कामगारों को हर जगह 100 रुपये और 40 साल की उम्र वालों को 200 रुपये का योगदान देना होगा।
  4. घर में काम करने वाले, रेहड़ी लगाने वाले, मिड-डे मील में काम करने वाले, बोझा उठाने वाले, रिक्शा चलाने वाले, घरेलू कामगार, बिना जमीन वाले मजदूर, खेती और निर्माण से जुड़े काम करने वाले मजदूर ही इस योजना का लाभ उठाएंगे।
  5. पेंशन के शुरु होने के बाद किसी कामगार की मौत होने पर उसके पति या पत्नी को 50 प्रतिशत पेंशन मिलेगी।
  6. इस योजना से जुड़ने वाले श्रमिक की अगर 60 साल की उम्र से पहले मौत हो जाती है या वो स्थाई रूप से विकलांग हो जाता है तो उसके पति या पत्नी मासिक योगदान जारी रखेंगे।
  7. इस योजना से निकलने की छूट भी होगी। ऐसा करने पर उन्हें जमा राशि का ब्याज सहित भुगतान भी किया जाएगा। मगर पेंशनधारी के पति या पत्नी जीवित नहीं है तो इसका लाभ बच्चों को नहीं मिलेगा।
  8. इस स्कीम में 60 साल के बाद 3 हजार रुपये की न्यूनतम मासिक पेंशन का प्रावधान रखा गया है। ये पेंशन सब्सक्राइबर को 60 साल के बाद ही मिलेगी, अगर उसने इस योजना में भाग लिया है और उसने 40 साल की उम्र तक हर महीने प्रीमियम दिया है।
  9. अगर कोई सब्सक्राइबर 10 साल के अंदर स्कीम से निकलना चाहता है तो केवल उसके हिस्से का योगदान सेविंग बैंक की ब्याजदर के हिसाब से लौटाया जाएगा।
  10. अपने हिस्से का योगदान करने में अगर कोई भी चूक जाता है तो पात्र सदस्य को ब्याज के बकाए का भुगतान करके कॉन्ट्रिब्यूशन को नियमित करने की अनुमती दी गई है और ये ब्याज सरकार द्वारा तय की जाएगा।
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