राजस्थान का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मेहंदीपुर बालाजी मंदिर(Mehandipur Balaji Temple) अब श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया है। कोरोनावायरस महामारी के चलते पिछले 8 महीने से यह मंदिर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए बंद कर दिया गया था। श्रद्धालु और स्थानीय लोगों की मांग को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर को दोबारा खोलने का निर्णय लिया है। लेकिन सरकार ने यह जरूर चेतावनी दी है कि श्रद्धालुओं को और मंदिर प्रशासन को कोरोनावायरस का सख्ती से पालन करना होगा।

कौन से नियमों का पालन करना होगा?

Mehandipur Balaji Dham
Image Source – Zeenews

कोई भी श्रद्धालु बिना फेस मास्क एवं सनराइज के मंदिर में दर्शन नहीं कर पाएगा। मंदिर में श्रद्धालु फूल, माला प्रसाद आदि कोई भी वस्तु नहीं ले जा पाएंगे अथवा मंदिर(Mehandipur Balaji Temple) का घंटा बजाने पर भी पाबंदी है। यह सारे नियमों के साथ-साथ श्रद्धालुओं को सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करना होगा। स्क्रीनिंग करने के बाद ही मंदिर में प्रवेश करना अनिवार्य है। मंदिर के बाहर मानपुर सीईओ संत राम मीणा(Sant Ram Mani) बालाजी थाना प्रभारी सुरेंद्र शर्मा(Surendra Sharma) एवं हेड कॉन्स्टेबल अनूप सिंह(Anoop Singh) व अन्य सारे पुलिसकर्मी व्यवस्था संभालने के लिए मौजूद रहेंगे।

Mehandipur Balaji Story in Hindi

कोरोना महामारी के चलते आस्था से भरे मंदिर मेहंदीपुर बालाजी(Mehandipur Balaji Temple) को मार्च में लॉकडाउन के समय बंद कर दिया गया था। ऐसे में कस्बे के सभी व्यवस्था ठप होने के कारण लोगों में रोजी-रोटी की भी संकट आ गई थी। अब 8 महीने बाद यह मंदिर खुलने से श्रद्धालुओं तथा स्थानीय निवासियों के चेहरे में खुशी है। जिला कलेक्टर पीयूष उमरिया(Piyush Umeriya) के अनुसार मंदिर खुलने के बाद समय-समय पर कोरोनावायरस की जांच की जाएगी। मंदिर के प्रवेश द्वार, निकास एवं सामान्य स्थानों पर समय समय से थर्मल स्क्रीनिंग, हैंडवाश एवं सैनिटाइजर का प्रबंध किया गया है।

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मंदिर परिसर में पुजारियों, सेवादारों एवं दर्शनार्थियों के चेहरे पर फेस कवर होना अनिवार्य होगा। पुजारियों एवं सेवादारों को समय-समय पर अपनी कोविड-19 जाँच करवानी होगी। उन्होंने यह भी साफ किया है कि कोरोना को लेकर वो ट्रस्ट के तरफ से एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त करेंगे।


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