जैसा कि हम सभी जानते हैं हमारे देश भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है और यह दिन अपने आप में बहुत ही ज्यादा महत्व रखता है। शिक्षक एक बहुत बड़ा शब्द है जो अपने आप में बहुत सारी बातें समेटे हुए है और जिसका उल्लेख करना आसान नहीं है। हमारे समाज को रूप देने वाला, सही दिशा दिखाने वाला एक शिक्षक ही होता है और 5 सितंबर को हम सभी उन लोगों को सम्मान और याद करते हैं जिनसे हमने अपनी जिंदगी में कुछ सीखा हो चाहे वह स्कूल के शिक्षक हो, कॉलेज के प्रोफेसर या कोई कोच। इस दिन सभी का आदर और सत्कार किया जाता है। बता दें कि भारत में सन् 1962 से 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है और यह दिवस महान शिक्षाविद्और भारत के पूर्व उप-राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्‍णन के जन्मदिन के रूप में देशभर में मनाया जाता है।

इस वजह से हर वर्ष मनाया जाता है शिक्षक दिवस [Teachers Day Details in Hindi]

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डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद और महान दार्शनिक थे जिन्हें आज भी दुनिया याद करती है। दरअसल सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजनीति में आने से पहले एक सम्मानित अकादमिक थे। 1936 से 1952 तक सर्वपल्ली राधाकृष्णन ऑक्सफर्ड विश्वविद्यालय में प्राध्यापक रहे और 1937 से 1941 तक उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले जॉर्ज पंचम कॉलेज के प्रोफेसर के रूप में कार्य किया है। 5 सितंबर को शिक्षा दिवस मनाने के पीछे भारत के शिक्षा क्षेत्र में राधाकृष्‍णन जी द्वारा किया गया योगदान है। डॉ. राधाकृष्णन जी का मानना था कि ‘एक शिक्षक का दिमाग देश में सबसे बेहतर दिमाग होता है। दरअसल, एक बार डॉ. राधाकृष्णन के कुछ छात्र और दोस्त उनका जन्मदिन सेलिब्रेट करना चाहते थे तो इस पर उन्होंने जवाब में कहा था कि मेरा जन्मदिन अलग से मनाने की बजाए इसे टीचर्स डे यानी कि शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाएगा तो मुझे गर्व महसूस होगा। उस दिन के बाद से ही भारत में यह दिवस टीचर्स डे के रूप में मनाया जाता है.teachers day kyu manate haiपूरे देशभर में यह दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है और तकरीबन सभी स्कूलों में इसे बहुत ही अच्छे तरीके से मनाया जाता है। इस दिन छात्र-छात्राएं अपने शिक्षकों को सम्मान के साथ उनके द्वारा दी गयी शिक्षा के लिए धन्यवाद करते हैं। हमें जो हमारे जीवन में कुछ भी सिखाता है और जिससे हमारी जिंदगी बेहतर बनती है वही शिक्षक होता है और उसका आदर हमें अवश्य करना चाहिए।

यह बाततो हर किसी को समझ लेना चाहिए कि बिना शिक्षक के हम अपनी जिंदगी को एक नया और कामयाब रूप कभी नहीं दे सकते हैं। हमें हमारी जिंदगी में एक शिक्षक के मार्गदर्शन की बहुत ही ज्यादा जरूरत पड़ती है। अब वह शिक्षक हमारे जीवन में चाहे मां-बाप के रूप में हो या फिर हमारे स्कूल टीचर, सभी का स्थान हमारे लिए बहुत महत्व रखता है। आप यह समझ लीजिये कि शिक्षक वह दीपक है जो हमारी जिंदगी के अंधकार को मिटा कर हमें रौशनी की किरण दिखाता है, जिससे हमारा जीवन रौशन हो जाता है।

बताते चलें कि 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस पर हम सभी अपने गुरुओं, शिक्षकों द्वारा किये गए प्रयासों की सराहना करते हैं और उनका मनोबल बढ़ाते हैं। किसी भी कामयाब इंसान के पीछे एक शिक्षक का ही हाथ होता है जो उसे एक कामयाब अकाउंटेंट, डॉक्टर, पायलट, इंजीनियर आदि बनाता है। यह दिवस इस लिए भी मनाया जाता है जिससे सभी बच्चे अपने शिक्षकों के महत्व को समझ पाएं और उनका सम्मान करें। सही कहा गया है कि बच्चों का बचपन एक मिट्टी की भांति होता है, उसे जैसा आकार दिया जाता है वह वैसा ही बन जाता है। बच्चों के बचपन को सही आकार देने वाला और कोई नहीं बल्कि एक शिक्षक ही होता है जो उसे सही आकार देकर उसका जीवन सवार देता है। डॉ. राधा कृष्णन का जन्मदिन समाज और लोगों में शिक्षा के प्रति चेतना जगाने के लिए भी मनाया जाता है। शिक्षक के महत्व को आप सभी समझें और इस शिक्षक दिवस पर अपने शिक्षकों का आदर और उन्हें धन्यवाद करना न भूलें

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