शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और विधायक राघव चड्ढा ने किसानों के प्रदर्शन करने के अधिकारों का समर्थन किया और पुलिस की स्टेडियम को अस्थायी जेल में बदलने की अर्जी का विरोध किया है।

दिल्ली पुलिस ने कृषि कानून के विरोध में किसानों के ‘दिल्ली चलो‘ मार्च के कारण राज्य सरकार से शहर के 9 स्टोडियम को अस्थायी जेल में बदलने की मांग की है ताकि पंजाब और हरियाणा से आकर प्रदर्शन कर रहे किसानों को यहां रखा जा सके। हालांकि, दिल्ली सरकार ने इन अर्जी को पूरी तरह से नामंज़ूर कर दिया है। इसके अलावा पार्टी के कुछ नेताओं ने दिल्ली पुलिस की इस अर्जी का विरोध भी किया है।

राघव चड्ढा का ट्वीट –

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और विधायक राघव चड्ढा ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, “मैं दिल्ली सरकार से अस्थायी जेल स्थापित करने की अनुमति देने से इनकार करने का अनुरोध करता हूं। हमारे देश के किसान ना तो कोई अपराधी हैं और ना ही आतंकवादी। भारतीय संविधान में शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार, अनुच्छेद 19 (1) में उल्लेखित है और विरोध प्रदर्शन एक स्वतंत्र, लोकतांत्रिक समाज की पहचान है”।

सौरभ भारद्वाज का ट्वीट –

आम आदमी पार्टी के ही एक और विधायक सौरभ भारद्वाज ने ट्वीट कर लिखा, “मुझे लगता है कि हमारे किसानों के लिए यह सबसे अमानवीय बात है। दिल्ली पुलिस को खुद को दिल वाली पुलिस कहना बंद कर देना चाहिए”।

बता दें कि दिल्ली की ओर कूच कर रहे प्रदर्शनकारी किसानों पर पानी की बौछारों और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, जबकि कई किसान पुलिस के अवरोधों को तोड़कर आगे बढ़ने में सफल रहे। देर शाम तक, पंजाब और हरियाणा से बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी दिल्ली के करीब पहुंच गए।

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