कोरोना वायरस के बीच पड़ोसी मुल्क के साथ तू-तू, मैं-मैं हो रही है। जी हां, चीन के साथ बॉर्डर पर टेंशन दिन ब दिन बढ़ता ही जा रहा है। दरअसल, मसला वही पुराना है, जो सुलझने का नाम ही नहीं ले रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 1962 के युद्ध के बाद से ही भारत और चीन बॉर्डर को लेकर मसला अभी तक नहीं सुलझा पाए हैं। ऐसे में अब जब एक बार फिर स्थितियां बिगड़ती हुई नजर आ रही हैं, तो मामला भारत की तरफ लेफ्टिनेंट  जनरल हरिंदर सिंह से कमान संभाल ली है।

लेफ्टिनेंट  जनरल हरिंदर सिंह शनिवार को चीन के साथ बातचीत करेंगे और मसले को अपनी तरफ से सुलझाने की पूरी कोशिश करेंगे। बता दें कि बीते एक महीने में चीन के साथ कई दफा बातचीत कर ली गई है, लेकिन मामला संभलता हुआ नजर आ रहा है, ऐसे में अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या कल की बात से भारत और चीन के बीच पनपे विवाद खत्म हो जाए या फिर तनाव बढ़ जाएगा। खैर, यहां हम आपको लेफ्टिनेंट  जनरल हरिंदर सिंह के बारे में बता रहे हैं, जो कल चीन के सामने भारत की रणनीति को रखेंगे।

कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह?

भारत की तरफ से बातचीत का मोर्चा संभालने वाले लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह लेह स्थित 14 कॉर्प्स के कमांडर हैं, जो कि  ‘फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स’ के उपनाम वाले 14 कॉर्प्स भारतीय सेना के उधमपुर स्थित उत्तरी कमान का हिस्सा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस कॉर्प्स के बारे में कहा जाता है कि यहां सेना को शत्रुओं के साथ साथ मौसम की चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है।

अपने क्षेत्र के माहिर खिलाड़ी हैं लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह

लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने पिछले साल 10 अक्टूबर को 14 कॉर्प्स की कमान संभाली थी, जिससे पहले वे कई जिम्मेदाकियों को संभाल चुके हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, उन्होंने मिलिट्री इंटलीजेंस के महानिदेशक (डीजी), मिलट्री ऑपरेशन के महानिदेशक (डीजी) और अन्य महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारियां संभाली हैं।  आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जनरल हरिंदर अफ्रीका में भी काम कर चुके हैं। इसके अलावा, वे जम्मू-कश्मीर, युद्ध और आतंकवाद जैसे मुद्दों को बहुत ही अच्छे से संभालते हैं।

सीनियर रिसर्च फेलो रह चुके हैं जनरल हरिंदर सिंह

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो हरिंदर सिंह नई दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस (आईडीएसए) और सिंगापुर के एस. राजारतनम स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज (आरएसआईएस) में एक सीनियर रिचर्स फेलो भी रहे हैं, जिसमें भी उन्होंने महारथ हासिल कर रखी है।

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