Coronavirus Treatment: वैश्विक महामारी बन चुकी कोरोना वायरस से हर देश इन दिनों लड़ रहा है। भारत सहित हर देश इन दिनों इस वायरस से बचने के लिए लॉकडाउन का पालन कर रहा है। जैसा कि, आप सभी जानते हैं अभी तक इस वायरस का वैक्सीन बनकर तैयार नहीं हुआ है। ऐसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि, लोग इस से निपटने के लिए आयुर्वेद का पालन करें। इसके बाद आयुष मंत्रालय द्वारा आवश्यक गाइडलाइन्स भी मुहैया करवाई गई थी। अब देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए मोदी सरकार ने देश के लाखों लोगों पर देशी नुस्खें से इस वायरस को ख़त्म करने का टेस्ट शुरू करने की घोषणा की है। यहाँ हम आपको इसी बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं कैसा होगा इस टेस्ट का प्रारूप।

इतने लाख लोगों पर किया जाएगा इस देशी नुस्खें का टेस्ट (Modi Govt Plans to Fight Coronavirus Alternative Medicine)

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, केंद्र सरकार कोरोना संक्रमन को दूर करने के लिए जिस देशी नुस्खें को अपनाने जा रही है उसमें उनका साथ आयुष मंत्रालय के साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन भी देने जा रही है। बता दें, 50 लाख लोगों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की निगरानी में ये टेस्ट किया जाएगा। चौंकाने वाली बात यह है कि, इस टेस्ट के लिए पहले से ही एक लाख से ज्यादा लोग रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। केंद्र सरकार द्वारा किये जाने वाले इस टेस्ट में मुख्य रूप से अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को चुना जाएगा। इस लिस्ट में कोरोना पॉजिटिव के मरीजों के साथ ही डॉक्टर, सामान्य लोग, विभिन्न एनजीओ में काम करने वाले सहायक और सेना में कार्यरत लोगों को भी शामिल किया गया है। तीन फेज में किये जाने वाले इस टेस्ट के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक निगरानी कमेटी का गठन भी किया गया है।

50 लाख लोगों पर किया जाएगा आयुर्वेदिक परिक्षण (Modi Govt Plans to Study 50 Lakh People Coronavirus Treatment with Ayurveda)

प्राचीन काल से ही भारत में आयुर्वेदिक पद्धति को विभिन्न बीमारियों को दूर करने के लिए अपनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस को दूर करने के लिए भी आयुर्वेदिक पद्धति को अपनाने का निर्णय लिया है। इसी वजह से आयुष मंत्रालय ने भी अब कोरोना के इलाज के लिए लोगों पर आयुर्वेदिक पद्धति को आजमाने का निर्णय लिया है। बता दें कि, राजधानी दिल्ली के ब्रह्मप्रकाश आयुर्वेद हॉस्पिटल और तिब्बिया कॉलेज में लोगों पर इसका टेस्ट शुरू कर दिया गया है। सूत्रों की माने तो आने वाले दिनों में बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी को भी इस आयुर्वेदिक टेस्ट का केंद्र बनाया जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, होम्योपैथ, आयुर्वेद और विभिन्न संस्थाओं ने सरकार को तीन हज़ार से ज्यादा आयुर्वेदिक नुस्खों की लिस्ट भेजी है। दावा किया जा रहा है कि, इसके माध्यम से कोरोना वायरस पर विजय प्राप्त की जा सकती है। आयुष मंत्रालय इन सभी में से करीबन सौ कारगर नुस्खों का चुनाव का इसका परीक्षण लोगों पर करेगी। आयुर्वेद के विभिन्न कारगर तत्वों को मिलाकर एक टैबलेट के रूप दिया जा रहा है। इसी टैबलेट का प्रयोग लोगों पर परीक्षण के लिए किया जाएगा। हालाँकि ये परीक्षण कितना सफल होगा ये आने वाले वक़्त ही बताएगा

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