Pradhanmantri Kaushal Vikas Yojana: देश में जब से मोदी लहर चली है उसके बाद से लगातार एक के बाद एक कई सारे बदलाव देखने को मिले हैं। ना सिर्फ आर्थिक दृष्टि से बल्कि हर क्षेत्र में देश ने काफी ज्यादा तरक्की की है, जिसका हमारा देश कई वर्षों से मोहताज था। बताना चाहेंगे कि प्रधानमंत्री मोदी ने जब से देश की बागडोर संभाली है उसके बाद से ना सिर्फ देश बल्कि देश के युवाओं को भी कई सारे मौके मिल रहे हैं। सरकार ने बीते दिनों में कई सारी योजनाओं की शुरुवात की है, जो ना सिर्फ रोजगार देने में बढ़ावा दे रहे हैं बल्कि देश की गरीबी को मिटाने में भी काफी ज्यादा सहायक साबित हो रहे हैं। ऐसी ही एक योजना है ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना’ जिसे लॉन्च करने के बाद से देश में एक अलग सा ही माहौल बन गया है। इस योजना को लेकर हर तरफ उत्साह है और लोग इससे जुड़ी हर तरह की जानकारी हासिल करना चाह रहे हैं ताकि वो इसका पूरा-पूरा लाभ उठा सकें। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं केन्द्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं में से एक बेहद ही महत्वकांक्षी योजना ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना’ के बारे में।

2015 में हुआ था लॉन्च

सबसे पहले तो आपको बता दें कि मोदी सरकार ने स्कूली ड्रॉप बच्चों और कम पढ़े-लिखे लोगों को रोजगार के काबिल बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की शुरुआत की थी। यह योजना मोदी सरकार की महत्वकांक्षी लोक कल्याणकारी योजनाओं में शामिल है। इस योजना को वर्ष 2015 में नेशनल स्किल डेवलपमेंट और इंटरप्रोनरशिप पॉलिसी के तहत लॉन्‍च किया गया था।  आपने इस बात पर अगर गौर किया होगा तो आपको यह जरुर समझ आया होगा कि हमारे देश में बहुत से युवा ऐसे हैं जिनको रोजगार के साथ-साथ प्रशिक्षण की भी जरुरत थी। इस कमी को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री ने इस लाभकारी योजना की शुरूआत की जिसका मुख्य उद्देश्य देश के युवाओ को औद्योगिक प्रशिक्षण देना है। साथ ही साथ इस योजना के तहत 2020 तक एक करोड़ भारतीय नागरिकों को रोजगार के काबिल बनाना भी एक लक्ष्य रखा गया है।

जानकारी के लिए बता दें कि इस योजना के अंतर्गत शुरुवाती वर्ष में तक़रीबन 24 लाख वर्कर्स को शामिल किया जाएगा और फिर इसके बाद 2022 तक यह संख्‍या 40.2 करोड़ तक ले जाने का उद्देश्य है। इस योजना को लागू करने के दो मुख्य कारण हैं- पहला प्रधानमंत्री का ‘मेक इन इंडिया’ कैम्पेन और दूसरा हमारे देश की युवा पीढ़ी को प्रशिक्षण देना। पीएम मोदी ‘मेक इन इंडिया’ कैम्पेन के दौरान कुछ विदेशी निवेशकों को वादा कर चुके थे कि वह इस प्रोजेक्ट के लिए कुशल कामगार प्राप्त करवाएंगे। इसी दिशा में काम करते हुए और सरकार ने देश के शिक्षित युवाओं को जो अभी भी रोजगार की तलाश में हैं उनके लिए यह योजना शुरू की ताकि दोनों की जरूरतें पूरी हो सकें।

इस तरह से जुड़े योजना के साथ

इस योजना से जुड़ने के लिए आपको कुछ प्रक्रियायों से गुजरना होता है जिसके बारे में हम आपको यहां पर विस्तार से बताने जा रहे हैं। सबसे पहले तो आपको बता दें कि अगर आप प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण हासिल करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको पहले तो अपना रजिस्ट्रेशन कराना होता है जिसके लिए आपको प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmkvyofficial.org पर जाकर वहां पर रजिस्ट्रेशन के लिए बताई गयी सभी प्रक्रिया को पूरा करना होता है। इस दौरान आपको अपना नाम, पता, ईमेल आदि की जानकारी भरनी होगी। इतना कुछ कर लेने के बाद आपको प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत तक़रीबन 40 अलग-अलग तकनीकी क्षेत्रों में ट्रेनिंग दी जाती है। उसमें से आपको अपनी रूचि के हिसाब से संबंधित क्षेत्र का चुनाव करना होगा।

आपको इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि जब आप फॉर्म भर रहे हैं, उस दौरान आपने जिस तकनीकी कोर्स का चयन किया हुआ है आपको प्रशिक्षण उसी कोर्स में दिया जायेगा। यह भी बता दें कि जब आप फॉर्म भर रहे होंगे उसी दौरान आपको अपने सेंटर का भी चयन करना होगा।
इसके बाद चयन हो जाने के बाद जब आप इस योजना के तहत प्रशिक्षण हासिल कर लेते हैं तो सरकार प्रत्येक उम्मीदवार को 8000 रुपये की पुरस्कार राशि भी देती है। आपकी जानकारी के लिए यह भी बता दें कि इस योजना के तहत तीन महीने, छह महीने और एक साल के लिए प्रशिक्षण कोर्स संचालित किए जा रहे हैं और प्रक्षिक्षण पूरा हो जाने के बाद सरकार की तरफ से सर्टिफिकेट भी दिया जाता है, जो पूरे देश में मान्य होता है।

जो भी उम्मीदवार इस योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करता है, उन सभी उम्मीदवारों को सरकार समय-समय पर आयोजित होने वाले रोजगार मेले के जरिए रोजगार भी प्रदान करती है। उमीदवार की योग्यता के अनुसार उसे अलग-अलग प्राइवेट कंपनियां और यहां तक कि सरकारी कंपनियां भी नौकरी देती हैं, जिससे उनका भविष्य उज्जवल होता है। आपको यह भी पता होना चहिये कि इस योजना को सिर्फ सरकारी जगहों पर ही नहीं बल्कि कई सारी प्राइवेट कंपनियां भी इस योजना के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही हैं, जिनके माध्यम से प्रशिक्षण हासिल कर अपने पैरों पर खड़ा होने का मौका मिलता है।

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