Rajasthan Ban Photography: राजस्थान के कोटा शहर में भी कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी है। हाल ही में शहर में एक साथ नौ कोरोना पॉज़िटिव केस सामने आने की पुष्टि हुई है। जिसके बाद यहां जिला प्रशासन ने एक सख्त रवैया अपनाते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के लिए यह आदेश निकाला है कि कोई भी दानदाता अब भोजन या राशन सामग्री बाँटते समय सेल्फी या फोटोग्राफ नहीं लेगा।

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जिला कलेक्टर ओमप्रकाश कसेरा ने समस्त उपखंड अधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि खाद्य सामग्री जैसे फूड पैकेट वितरण करने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखा जाए।

कलेक्टर ने सभी उपखंड अधिकारियों को यह सूचित किया कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना करने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के नियमों के तहत कड़ी कार्यवाही कि जाए। इसके साथ ही जो लोग खाद्य सामग्री जरूरतमंदों तक पहुंचा रहे हैं, उनको भी कर्फ्यू वाले इलाकों में पैकेट वितरण करने के लिए पुलिस से मदद लेनी होगी।

दरअसल, कोटा शहर में पिछले 37 दिनों में कोरोना वायरस का कोई भी केस नहीं आया था। लेकिन, रविवार को एक कोरोना पॉज़िटिव बुजुर्ग की मौत के बाद अचानक से एक साथ नौ पॉज़िटिव केस सामने आने से शहर में खलबली मच गई। जिसके कारण प्रशासन को पुराने कोटा शहर में कर्फ्यू भी लगाना पड़ा। कोटा को इस दृष्टि से भी संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि यहाँ पर देश भर से आए करीब 35 हजार बच्चे नीट व जेईई जैसी परीक्षाओं की कोचिंग कर रहे हैं।

इंटेलिजेंस को मिली 538 तब्लीगी जमातियों के प्रदेश में आने की सूचना (Rajasthan Ban Selfie During Distribution of Goods)

राजस्थान में जयपुर के रामगंज इलाके की एक मस्जिद से 12 लोगों के पुलिस द्वारा पकड़े जाने कि खबर मिली है। ये सभी लोग कर्नाटक के रहने वाले हैं और तब्लीगी जमात से जुड़े हुए हैं। जो कि दिल्ली के निजामुद्दीन में हुए आयोजन के बाद जयपुर आए थे। पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि भी लगातार तब्लीगी जमातियों से छिपने के बजाय आगे आकर अपने टैस्ट कराने का अनुरोध कर रहे हैं। इसके बावजूद ये सभी लोग मस्जिद के बाहर से ताला लगवाकर अंदर रह रहे थे। एक स्थानीय मौलवी ने इन्हे यहां पर रहने में मदद की थी। 

मंगलवार को इसकी जानकारी लगने पर पुलिस प्रशासन ने कार्रवाही कर इन्हें बाहर निकाला। इन सभी की जांच के लिए सैंपल लिए गए हैं। साथ ही साथ पुलिस इनसे यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि कहीं इनके साथी किसी अन्य जगह पर छुप कर तो नहीं रह रहे हैं। गौरतलब है कि इंटेलिजेंस को 538 तब्लीगी जमातियों के प्रदेश में आने की जानकारी मिली थी जिनमें से ज़्यादातर लोगों की पहचान हो चुकी है।

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