Delhi Coronavirus News: जहां पूरे देश में इतनी ज्यादा सावधानी बरती जा रही है जिसके चलते लॉकडाउन भी कर दिया गया है वहीं दूसरी तरफ दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तबलीगी जमात के कार्यक्रम के दौरान देश के ही नहीं बल्कि विदेशों के लोगों ने भी शिरकत की। उस जमात के दौरान निजामुद्दीन की मस्जिद में लगभग 4000 लोग शामिल थे। सरकार को सूचना मिलते ही तुरंत उस जगह को खाली कराया गया और जब वहां पर जांच पड़ताल की गई तो लगभग 25 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसके अलावा वहां पर मौजूद 6 लोग जो कोरोना संक्रमित थे उनकी मौत हो गई।

इस जमात की वजह से भारत के 20 केंद्र शासित राज्य और राज्यों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। क्योंकि पूरे भारत के 20 राज्यों में से वे लोग जमात में शामिल होने दिल्ली आए थे।

जमात में शामिल होने आए 4000 लोग

गौरतलब है कि तबलीगी जमात में 4000 लोगों में केवल भारतीय ही नहीं, बल्कि विदेशी नागरिक भी शामिल थे। जिनमें से अब भी कोरोना पॉजिटिव मरीजों की तलाश की जा रही है। ताकि उनके कारण बाकी लोगों में फैल रहे कोरोना की इस भयानक महामारी को रोका जा सके। माना जा रहा है कि तबलीगी जमात में 57 तमिलनाडु से शामिल हुए थे, और साथ ही साथ 850 जम्मू कश्मीर से आए थे जिनमें से 25 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

इसके अलावा दिल्ली के बीच 400 लोग इनमें शामिल थे जिसमें से 24, उत्तर प्रदेश के 157 में से 9, तेलंगाना के 400 में से 49, आंध्र प्रदेश के 711 में से 29, तमिलनाडु के 1031 में से 124, और अंडमान निकोबार द्वीप समूह के 11 में से 9 लोग पूरी तरह से कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। यह तबलीगी जमात भारत के सभी राज्यों पर खतरा बनकर मंडरा रहा है। इसके अलावा विदेशों से आये इंडोनेशिया के 72, श्रीलंका के 34, म्यानमार के 33, किर्गिस्तान के 28, मलेशिया के बीच नेपाल और बांग्लादेश के 9-9, थाईलैंड के साथ और फिजी के 4 लोग शामिल हुए थे।

प्रशासन की उड़ी नींद

खबर मिलते ही सारे विदेशी और देशी नागरिकों ने निजामुद्दीन इलाके से भागने की कोशिश की जिनमें से 2361 लोगों को वहां से बाहर निकाल लिया गया और उनमें से ही 25 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इतनी बड़ी घटना के बाद निजामुद्दीन के पूरे इलाके को पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया गया है और साथ ही पूरे इलाके की स्क्रीनिंग भी की जा रही है। इस कार्यक्रम की वजह से पूरे देश के सभी राज्यों में मौजूद प्रशासन के बीच अफरा-तफरी मच गई है।

तेलंगाना सरकार के सूत्रों के अनुसार बताया गया है कि 13 मार्च को करीमनगर के कुछ लोग इंडोनेशिया के 10 लोगों के साथ दिल्ली से ट्रेन पकड़ कर पेडापल्ली लौटे थे। स्लीपर कोच में सफर करके वे लोग तेलंगाना पहुंचे थे जिसके बाद उन्होंने ऑटो रिक्शा लिया और ऑटो रिक्शा की मदद से वह मस्जिद जा पहुंचे। उन्हीं में से एक इंडोनेशियाई नागरिक को 17 मार्च के दिन टेस्ट के दौरान संक्रमित पाया गया। बाकी 9 इंडोनेशियाई नागरिकों में भी संक्रमण की पुष्टि की जा चुकी है।

इन सबके अलावा दिल्ली से आंध्रप्रदेश पहुंचे 711 लोगों में से 122 लोगों को निजी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया गया है और साथ ही 207 को सरकारी अस्पतालों में और 297 को उनके घरों में क्वॉरेंटाइन कर दिया गया है। 87 लोग अब तक लापता हैं। 27 मार्च को संक्रमण की वजह से 60 साल के बुजुर्ग की मकरज में ही मृत्यु हो गई। कुछ लोग अपने फोन बंद करके छुपे हुए बैठे हैं और बाकियों को प्रशासन द्वारा ढूंढा जा रहा है ताकि उन्हें ढूंढकर तुरंत क्वॉरेंटाइन कर दिया जाए।

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