Art of Living in Hindi: ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ से समझा जाए तो पता चलता है कि इन शब्दों में ही कहीं जीने की कला छिपी हुई है। जी हां, जैसा नाम है कुछ वैसा ही इसका काम भी है। यह योग गुरु श्री श्री रविशंकर जी द्वारा चलायी जा रही एक विश्वस्तरीय गैर सरकारी संस्था है, जो मनुष्य को तनाव मुक्त कराने के उद्देश्य से बनी है। इस संस्था का लक्ष्य है कि समाज को मानवीय परियोजनाओं से जोड़ना और एक ही धागे में पिरो देना ताकि मनुष्य को मनुष्य होने का मूल्य पता चल सके। देखा जाए तो आज के इस बेहद ही व्यस्त हो चुके जीवन में शायद ही किसी के पास समय है कि वह दूसरों की तो दूर खुद की उलझनों को भी सुलझा सके। ऐसे में क्या होता है? वह बस उलझते ही चला जाता है और एक दिन खुद में ही ऐसा फंस जाता है, जहां से बाहर निकल पाने का रास्ता उसे दूर-दूर तक नजर नहीं आता।art of living

ऐसे में यह बहुत ही आवश्यक हो जाता है कि आप खुद के लिए कुछ समय निकालें। ध्यान लगायें, मन को शांत रखें और अपनी समस्याओं का निवारण करें। चूंकि ऐसा खुद से सोच पाना और उसे कर पाना काफी हद तक मुश्किल हो जाता है। ऐसे में इसी मुश्किल को आसान बनाने के लिए आध्यात्म गुरु श्री श्री रविशंकर जी ने बहुत ही बेहतर प्रयास शुरू किया और उसे नाम दिया ‘आर्ट ऑफ लिविंग’।

आर्ट ऑफ लिविंग कुछ और नहीं बल्कि वह तकनीक है, जिसके माध्यम से मनुष्य अपने तनाव और चिंताओं को दूर कर जीवन में खुशी और आनंद लाने की कला सीखता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ वह संस्था है जो बिना किसी लाभ के मानवतावाद में यकीन रखते हुए दूसरों की मदद करता है। यह संस्था न सिर्फ भारत में बल्कि इसके अलावा कुल 139 अन्य देशों में भी फैली हुई है। अब आप इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि आर्ट ऑफ लिविंग से लोग कितने ज्यादा प्रभावित हैं और इसके प्रति कितने ज्यादा समर्पित। श्री श्री ने इसके निर्माण के पीछे एक ही मंशा रखी है और वह है शांति की राह दिखाना, जो तभी संभव है जब हिंसा रहित समाज तथा तनाव रहित मन रहे।

अपने इसी उद्देश्य को लेकर श्री श्री रविशंकर जी विश्वभर के कई देशों में भ्रमण करते रहते हैं और आर्ट ऑफ लिविंग की मदद से समाज, देश और विश्व को अपना संदेश देने का प्रयास करते हैं। उन्होंने इसके लिए अपने संपूर्ण जीवन को मानवता की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है। आपको यह भी बता दें कि आर्ट ऑफ लिविंग अपने विशिष्ट कार्यक्रमों का प्रबंध हर वर्ग और उम्र के समूह के लिए करती है। यहां पर किसी के लिए कोई प्रतिबंध नहीं है। हर वर्ग और हर उम्र के लोग इससे जुड़ सकते हैं और निश्चित रूप से जो भी इससे जुड़ता है वह खुद में बहुत ही जल्दी बदलाव भी महसूस करता है। यही तो लक्ष्य है आर्ट ऑफ लिविंग का। अब तक आर्ट ऑफ लिविंग ने तकरीबन दस लाख से भी अधिक लोगों को विश्व भर में प्रेरित किया है।

इस संस्था का उद्देश्य केवल लोगों को प्रेरित करना और शांति का मार्ग दिखाना ही नहीं है, बल्कि यह संस्था जरूरतमंदो की मदद भी करती है। प्राकृतिक आपदा से ग्रस्त लोगों की मदद, जाईल के कैदियों का पुर्नस्थापन कार्य, सुनामी, 9/11 जैसी बड़ी घटनाओं से पीड़ित लोगों की मदद करना भी इस संस्था के मुख्य कार्यों में शामिल है। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना, रोजगार देना तथा पर्यावरण के बारे में लोगों को जागरूक करना भी आर्ट ऑफ लिविंग ही है। आसान भाषा में कहा जाए तो बस इतना समझ लीजिये कि आर्ट ऑफ लिविंग यानी जीने की कला किसी एक चीज को करके नहीं पाई जा सकती। इसके लिए आपको इस समाज और संसार से जुड़ी हर वह चीज करनी और समझनी पड़ेगी, जो न सिर्फ आपके लिए बल्कि हर किसी के लिए आवश्यक है।

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