Hempushpa ke Fayde: हमारा शरीर प्रकृति की एक अनोखी देन है जो कि बहुत ही अद्भुत है और इस शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हमें समय-समय पर कई तरह की औषधि और आयुर्वेदिक उपचारों की जरूरत पड़ती है। ऐसी ही एक बहुत ही उपयोगी और कारगर आयुर्वेदिक टॉनिक है हेमपुष्पा, जिसका इस्तेमाल महिलाएं कई तरह की अलग-अलग समस्याओं के लिए करती हैं। इस टॉनिक का सेवन कोई भी स्त्री कर सकती है।  विशेषरूप से मासिक धर्म संबंधी विकारों को दूर करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। हेमपुष्पा एक शास्त्रीय आयुर्वेदिक दवा है जिसके मुख्य घटक हैं स्वयं उत्पन्न शराब और अशोक वृक्ष की छाल। हेमपुष्पा एक आयुर्वेदिक टॉनिक है जो शरीर की कई बीमारियों को ठीक करने के लिए उपयोग की जाती है। यह खून को साफ़ करती है तथा यह मासिक धर्म की समस्याओं के कारण हार्मोनल असंतुलन को भी ठीक करती। यह कष्टार्तव, रक्त प्रदर, बेकार गर्भाशय रक्तस्राव, प्रदर रोग और अन्य स्त्री रोग विकारों में बहुत उपयोगी है।

हालांकि, जैसा कि बताया जाता है महिलाओं को इसके सेवन का सही तरीका भी पता होना बहुत ही आवश्यक है अन्यथा इसका उल्टा असर भी पड़ सकता है। आपको हेमपुष्पा के 7 मिलीलीटर के डोज को दिन में दो बार लेना चाहिए। इसकी अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं और दवा विक्रेता से बात कर सकते हैं। खैर, आज हम आपको इस आयुर्वेदिक सिरप के बारे में विस्तार से बताएंगे और साथ ही आपको यह भी बताएंगे कि इसका सेवन कितना ज्यादा उपयोगी होता है। तो चलिए जानते हैं हेमपुष्पा के फायदों के बारे में।

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हेमपुष्पा से होते हैं ये हैरान कर देने वाले फायदे [Hempushpa ke Fayde]

जैसा कि बताया जाता है हेमपुष्पा का इस्तेमाल सिर्फ महिलाएं ही कर सकती हैं क्योंकि मुख्य रूप से ये उनके शरीर से जुड़े विकारों के लिए बना है। बता दें कि हेमपुष्पा का सेवन महिलाओं के मासिक धर्म में होने वाले दर्द के लिए किया जाता है। ऐसा देखा जाता है कि कुछ लड़कियों को मासिक धर्म के दौरान  बहुत दर्द और एठन होती है। ऐसे में हेमपुष्पा सिरप का सेवन उन्हें पीरियड के दौरान होने वाले दर्द से राहत दिला सकता है।

खून को शुद्ध करता है हेमपुष्पा [Hempushpa Syrup Benefits in Hindi]

हालांकि, यह जरुरी नहीं है कि आप इसे पूरे महीने लें बल्कि आप इसे पीरियड के दौरान भी ले सकती हैं। इसका सेवन शरीर में मौजूद खून को शुद्ध करता है साथ ही साथ मासिक धर्म के दौरान आने वाली समस्याओं के कारण हार्मोनल असंतुलन को ठीक करने के लिए भी इसका सेवन किया जाता है। बताया जाता है कि मीनोपोज के दौरान महिलाओं का शरीर बहुत कमजोर हो जाता है। पसीना आना, कमजोरी होना, चक्कर आना आदि इसके लक्षण हैं। ऐसे में हेमपुष्पा सिरप का सेवन महिलाओं के लिए काफी ज्यादा लाभकारी माना जाता है। इस दौरान इसके सेवन से शरीर में वापस से उर्जा का संचार होता है।

गर्भाशय के संकुचन को करता है कम

हेमपुष्पा के सेवन से पेट दर्द, मासिक धर्म के दौरान कमजोरी, पेट या आंतों में होने वाले दर्द तथा मूत्र समस्याएं भी ठीक होती हैं। यह पाचन क्रिया को भी सही करता है तथा गर्भाशय के संकुचन को कम करता है। इसके अलावा कोलाइटिस और अल्सर के इलाज में भी हेमपुष्पा का इस्तेमाल किया जाता है। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि जो महिलाएं बहुत पतली हैं और जिनका वजन बहुत कम है, उनके लिए यह सिरप बहुत ही फायदेमंद है। हेमपुष्पा सिरप का लगातार सेवन करने से वजन भी कंट्रोल में आता है और उंचाई भी बढ़ती है।

खैर, ये सब तो थे हेमपुष्पा के सेवन के फायदे मगर आपको यह भी बता दें कि जिस प्रकार किसी भी वस्तु की अधिकता नुकसानदायक होती है ठीक उसी तरह से इस आयुर्वेदिक टॉनिक हेमपुष्पा Hempushpa ke Fayde का जरूरत से ज्यादा सेवन हानिकारक साबित हो सकता है। बताते चलें कि इस टॉनिक को हमेशा ढक्कन से नाप कर ही लेना चाहिए। इसके अलावा इस बात का बराबर ध्यान रखना चाहिए कि कभी भी इसका सेवन खाली पेट ना करें। हमेशा सुबह का नाश्ता करने के बाद या फिर रात का खाना खाने के बाद ही इसका सेवन करें।

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