जिन्होंने भी माउंट एवेरेस्ट की सफल चढ़ाई की है उन्होंने उस अनुभव को सर्वोपरि बताया है। उन्होंने ऐसा महसूस किया जैसे की वो सबसे
ऊपर हैं – कथागित भी और वास्तविकता में भी।

चढ़ाई के दौरान उनका जो अनुभव है उसका वो शब्दों में वर्णन नहीं कर सकते। वर्षों के प्रशिक्षण और अनुभव के बाद किसी को शीर्ष तक पहुंचने का मौका मिलता है और कुछ के लिए तो सफलता अक्सर विफलता के एक कार्यकाल के बाद के बाद आती है।

मूल रूप से जम्मू-कश्मीर की संगीता सिंधी बहल के लिए भी कहानी कुछ अलग नहीं है, 19 मई को संगीता बहल माउंट एवेरेस्ट पर चढ़ने वाली अपने राज्य से पहली व् भारत की सबसे ज़्यादा उम्र की महिला बन गयी हैं। संगीता बहल 53 साल की हैं और एक पेशेवर पर्वतारोही है । 1985 के मिस इंडिया प्रतियोगिता के फाइनल में थीं और तब से फैशन और पर्वतारोहण के क्षेत्र में बनी हुईं हैं ।

गुडगाँव में इम्पैक्ट इमेज कंसल्टेंसी की संस्थापक भारत और विदेशों में कुछ एयरलाइनों के लिए वर्दी डिजाइन करने के अलावा विमान उद्योग में काम कर चुकी हैं।

पर्वतों पर चढ़ने का जूनून उनकी ज़िन्दगी में काफी देर के बाद आया लेकिन उनकी प्रबल इच्छाशक्ति ने उन्हें शिखर छूने के लिए सहस दिया। ‘हिमालयन इंस्टिट्यूट ऑफ़ माऊंटेनीरिंग’ ने भले ही उनका आवेदन अस्वीकार कर दिया था क्यूंकि वो 40 साल की थी, पर अपने पति और उनके प्रशिक्षण की मदद से बहल ने पर्वतारोहण की कला और चरम स्थितियों में कैसे जीवित रहने के बारे में सीखा।

संगीता-सिंधी-बहल

दोनों ने दुनिया में विभिन्न चोटियों पर चढ़ाई की है। 2011 में इन् दोनों ने पर्वतारोहण के बारे में सोचा और माउंट किलिमंजारो(5895 एम) पर चढ़ गए। दो साल बाद, बहल ने 2014 में अंटार्कटिका में माउंट विन्सन (4897.एम) पर चढ़ने वाली तीसरी भारतीय महिला पर्वतारोही बनने से पहले यूरोप की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ाई कर दी थी। उसी वर्ष, बहल ने उत्तरी अमेरिका में माउंट मैककिनले पर चढ़ने की कोशिश की जहाँ उन्हें घुटने की चोट का सामना करना पड़ा। एक साल बाद बहल ने माउंट एंककगुआ(6962 एम), दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी को फ़तेह किया ।

संगीता-सिंधी-बहल
संगीता सिंधी बहल

कई लक्ष्य हासिल कर चुकी संगीता पहली बार में माउंट एवेरेस्ट की सफल चढ़ाई नहीं कर पायी थी। वह पिछले साल 29,3535 फीट की दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर विजय प्राप्त करने से चूक गईं। वह छः अन्य पर्वतारोहियों के साथ थीं जो ऊंचाई पर होने वाली बीमारी से प्रभावित थे। तबियत बिगड़ने के कारण सभी को वापिस आना पड़ा ।

हालांकि, उन्होंने फिर से तैयारी की और अपनी दूसरी कोशिश पर काम पूरा किया, गौरतलब हैं कि उसी दिनांक को उनके पति ने(19 मई, 2016 ) एवेरेस्ट पर चढ़ाई की थी ।
संगीता ने साथी पर्वतारोही प्रीमलता अग्रवाल के “भारत की सबसे अधिक उम्र की  महिला पर्वतारोहण” के रिकॉर्ड को तोडा जो की 20 मई, 2011 को प्रीमलता ने एवरेस्ट को 48 साल की उम्र में चढ़ कर बनाया था । वर्तमान में रिकॉर्ड जापान की “तामा वाटानाबे” के नाम  हैं जो की 2012 में 73 साल की उम्र में शिखर पर पहुंची थी।

अपने रिकॉर्ड और उपलब्धि के बारे में बात करते हुए, संगीता सिंधी बहल ने कहा, “आयु सिर्फ एक संख्या है। यदि आप किसी भी उम्र में अपने सपनों का पीछा करते हैं तो उन्हें ज़रूर पा लेते हैं ।

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