हिंदू धर्म के मुताबिक प्रकृति की बनाई हर चीज का कोई ना कोई अर्थ होता है और उस अर्थ के हिसाब से ही उसका उपयोग भी किया जाता है। अगर सभी चीजों की बात ना करते हुए सिर्फ गंगाजल (Gangaajal) की ही बात करें तो इसके बिना कोई भी पूजा अधूरी मानी जाती है क्योंकि शुद्धिकरण के लिए गंगाजल का होना बहुत ज्यादा उपयोगी होता है। इसके अलावा भगवान को भोग लगाने पर आचमन भी इसी से किया जाता है, घर में शुद्धता का वास हो इसके लिए घर के बुजुर्ग इसका झिड़काव पूरे घर में करवाते हैं। इसके अलावा और भी गंगाजल के उपयोग होते हैं मगर इसे घर में रखने के लिए कुछ बातों का ज्ञान होना भी बहुत जरूरी होता है।

Gangaajal रखते समय रखें इन बातों का ध्यान

ghar mein ganga jal rakhne se kya hota hai

 

हिंदू धर्म में गंगा को माता या देवी का स्थान दिया गया है और इसके साथ ही गंगा नदी को पूज्यनीय और पवित्र भी माना जाता है। हिंदू ग्रंथों के अनुसार, गंगा में स्नान करने से व्यक्ति के पाप भी धुल जाते हैं और किसी भी पूजा में सिद्धि या सफलता प्राप्त करने के लिए गंगाजल का खास उपयोग किया जाता है। इस वजह से हिंदू धर्म के ज्यादातर घरों में गंगाजल जरूर रखा जाता है और अगर ये आपके घर में भी है तो आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए। अगर आप इसे रखते समय इन बातों का ध्यान नही दे रहे हैं तो आपके कार्यों में बाधा से लेकर धन-संपत्ति में परेशानी और घर के किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य से लेकर कोई अप्रिय घटना का सुनाई देने तक जैसी चीजों का सामना करना पड़ सकता है। तो चलिए आपको बता देते हैं कि Gangaajal रखते समय किन बातों का विशेष ध्यान देना चाहिए।

1. आमतौर पर जब बाहर से गंगाजल घर में आता है तो प्लास्टिक की बोतल में लोग रख लेते हैं लेकिन ऐसा करना गलत होता है। प्लास्टिक के बोतल में गंगाजल रखना अशुभ मानते हैं इसलिए इसे हमेशा तांबे या चांदी के बर्तन में ही रखना चाहिए।

2. घर में जिस जगह गंगाजल रखा जाता है उस जगह की सफाई का खास ख्याल रखना चाहिए। हो सके तो इसे आप पूजा वाले स्थान पर ही रखें क्योंकि गंगाजल पूजनीय होता है और इसके पास अस्वच्छता सही नहीं मानी जाती है।

3. जिस जगह पर गंगाजल रखा है उस जगह मांस-मदिरा ना तो बनाएं ना ही उसका सेवन करें। हिंदू धर्म में मांस-मदिरा का सेवन वर्जित है लेकिन अगर स्वाद के लिए आप इसे खाते ही हैं तो इसका सेवन हो सके तो बाहर ही करें।

4. सुबह पूजा करने के बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करने से घर में सकारात्मकता बनी रहती है लेकिन आपको इसे शौच या बाथरूम के आस-पास नहीं छिड़कना चाहिए।

5. गंगा जल का उपयोग हमेशा नहाकर साफ-सुथरे तरीके से करना चाहिए। इसके साथ ही आपके हाथों से ही गंगा जल का स्पर्श हो ये ध्यान रखें अगर भूलकर भी गंगाजल में पैर लग जाए तो तुरंत भगवान से माफी मांग लेनी चाहिए।

6. कभी भी पूजा घर में अंधेरा नहीं रहने दें और ना ही गंगाजल को किसी अंधेरे वाले स्थान पर रखें। इसे हमेशा किसी ना किसी रोशनी के बीच ही रखें, इसका सकारात्मक प्रभाव घर पर पड़ता है।

7. गंगाजल को हमेशा ईशान कोण की दिशा में रखना चाहिए। इसके लिए आपको मंदिर में ही ईशान कोण का स्थान ढूंढना चाहिए।

8. गंगाजल को हर पौधों में नहीं डालना चाहिए लेकिन पीपल और बरकद जैसे पेड़ों पर इसे चढ़ाया जा सकता है। क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि इन पेड़ों पर नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है लेकिन गंगाजल को यहां अर्पित करके इसे भी शुद्ध और सकारात्मक बनाया जा सकता है।

9. किसी भी पूजा के दौरान जब घर में गंगाजल का छिड़काव करें तो उसे ऐसे-ऐसे स्थानों पर डालें जहां पर आपके पैर नहीं पड़ते हों, वरना आपका पैर गंगा माता पर पड़ जाएगा और आप पाप के भागीदार बन सकते हैं।

10. गंगाजल का पवित्र स्थान बनाए जाने पर उस जगह कभी किसी और वस्तु को बिल्कुल नहीं रखें। गंगाजल को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना मतलब गंगा माता को विचलित करना होता है।

आपको बता दें कि हिंदू ग्रंथ के अनुसार, गंगा माता को धरती पर लाने के लिए भागीरथ ने कठोर तपस्या की थी और इसके बाद ही इस धरती पर गंगा माता का आगमन हुआ था। इसी वजह से धार्मिक ग्रंथों और हिंदू धर्म में गंगा माता को गंगाजल के रूप में विशेष स्थान दिया जाता है।

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