होलिका दहन जिसे छोटी होली भी कहा जाता है। हिन्दू धर्म ग्रंथो के अनुसार होलिका दहन प्रदोष काल के दौरान किया जाना चाहिए। प्रदोष काल सूर्यास्त होने के बाद के समय को कहा जाता है। होलिका दहन के समय पूर्णिमा तिथि रहती है, पूर्णिमा तिथि के आधे भाग में भद्रा रहती है और भद्रा के प्रबल होने पर किसी भी प्रकार का कोई शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।

होलिका और प्रह्लाद की कहानी – क्यों किया जाता है होलिका दहन?

Amar Ujala

पौराणिक कथा के अनुसार, दुष्ट सम्राट हिरण्यकश्यप का एक पुत्र था जिसका नाम प्रह्लाद था। प्रह्लाद भगवान विष्णु का बहुत बड़ा भक्त था और उन्ही की भक्ति में लीन रहता था। हिरण्यकश्यप खुद को भगवान समझता था और सभी देवो में अपना स्थान सबसे ऊपर मानता था। हिरण्यकश्यप को यह पसंद नहीं था कि उनका बेटा उनकी भक्ति नहीं करता बल्कि भगवान विष्णु की भक्ति में लीन रहता है। वह चाहता था कि प्रह्लाद भगवान विष्णु की पूजा करना बंद करे और हिरण्यकश्यप की पूजा करे। जब प्रह्लाद ने ऐसा करने से मना कर दिया तब उसके पिता ने उसको मारने की कोशिश की। हिरण्यकश्यप की एक बहन थी जिसका नाम होलिका था। होलिका को वरदान प्राप्त था कि अग्नि उसको नहीं जला सकती, इसीलिए राजा हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को होलिका की गोद में बैठा कर दोनों को अग्नि में जलाने का आदेश दे दिया। परन्तु प्रह्लाद भगवान विष्णु का नाम जपता रहा और उनके आशीर्वाद से प्रह्लाद को कुछ नहीं हुआ। वहीं दूसरी ओर होलिका को आग ने जला दिया और इस बार उसका वरदान काम नहीं आया। ऐसा माना जाता है कि वरदान तब ही लागू होता था जब होलिका अकेली आग में बैठती थी। इस कथा के साथ, होलिका दहन की परंपरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बन गई।

होली पूजा मुहूर्त 2019 (Holi Puja Muhurat 2019)

होली पूजा का मुहूर्त प्रदोष काल में होता है जब पूर्णिमा तिथि हो और भद्रा ख़त्म हो गयी हो। यदि भद्रा प्रदोष काल के समय रहती है, लेकिन आधी रात से पहले समाप्त हो जाती है, तो भद्रा समाप्त होने के बाद होलिका दहन किया जाता है। यदि भद्रा आधी रात के बाद समाप्त हो रही हो, तो ही केवल होलिका दहन भद्रा में किया जाता है। इस वर्ष भद्रा रात में ही समाप्त हो जायेगा जिसकी वजह से दोषरहित काल में होलिका दहन होगा।

पंचांग के अनुसार इस बार मुहूर्त कुछ इस प्रकार है:
होलिका दहन – रात 09:01 से 12:20 तक।
पूर्णिमा तिथि – 20 मार्च को सुबह 10:44 से 21 मार्च 7:10 तक।

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