Kritika Nakshatra Characters: कृतिका खुली आंखों से दिखाई देने वाले 6 तारों का एक समूह होता है, जो आकाश में वृष राशि के समीप दिखाई पड़ता है। हालांकि, इसमें सैकड़ों तारे होते हैं। कृतिका नक्षत्र आकाश मंडल में तीसरा नक्षत्र है। इस नक्षत्र का स्वामी सूर्य व राशि शुक्र है। कृतिका शब्द का अर्थ है कार्य को करने वाली, यह आकाश में अग्निशिखा की तरह दिखाई देता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार श्री कार्तिकेय को कृतिका नक्षत्र का देवता माना जाता है, जिसके चलते इस नक्षत्र पर शिव पुत्र श्री कार्तिकेय का भी प्रबल प्रभाव रहता है तथा उनके कई गुण एवम विशेषताएं इस नक्षत्र के माध्यम से प्रदर्शित होतीं हैं। श्री कार्तिकेय के युद्ध कौशल की विशेषताएं, उनकी विनम्रता, उनकी तीव्र बुद्धि तथा अन्य कई विशेषताएं इस नक्षत्र के माध्यम से साकार रुप प्राप्त करती हैं, जिनके चलते कृतिका नक्षत्र के प्रबल प्रभाव में आने वाले बहुत से जातक सैन्य कला में कुशल देखे जाते हैं, क्योंकि शिव पुत्र श्री कार्तिकेय स्वयं इस कला में निपुण थे तथा वे तारकासुर के साथ निर्णायक युद्ध करने वाली देव सेना के सेनापति भी थे।

कृतिका नक्षत्र में जन्मे जातक की खूबियां [Kritika Nakshatra Characters in Hindi]

  • ऐसा देखा गया है कि व्यक्ति जिस नक्षत्र में जन्म लेता है उसका स्वभाव भी उसी के आधार पर होता है। जातक के जीवन पर अलग-अलग नक्षत्रों का प्रभाव भी अलग-अलग पड़ता है। ऐसे में आज हम आपको कृतिका नक्षत्र में जन्मे व्यक्तियों के स्वभाव के बारे में बता रहे हैं। जैसा कि बताया जाता है कृतिका नक्षत्र में जन्मा जातक बेहद ही सुन्दर और मनमोहक छवि वाला होता है। वह केवल सुन्दर ही नहीं अपितु गुणी भी होते हैं। ऐसा देखा गया है कि इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों का व्यक्तित्व किसी राजा के समान ओजपूर्ण एवं पराक्रमी होता है।
  • चूंकि कृतिका नक्षत्र का स्वामी सूर्य है अतः आप तेजस्वी एवं तीक्ष्ण बुद्धि के स्वामी होते हैं। बचपन से ही इनकी विद्या प्राप्ति में अधिक रूचि रहती है और आगे चलकर ये काफी विद्वान् भी साबित होते है। इनके अन्दर सूर्य का विशेष गुण है परन्तु शुक्र और सूर्य में शत्रुता भी है, अतः सुन्दर और तेजस्वी होने पर भी इनके विचार अस्थिर रहते हैं। सूर्य के इस नक्षत्र में चन्द्र भी रहेगा अर्थात सूर्य चन्द्र के मेल के कारण शरीर पर तेज़ की अनुभूति होगी। चन्द्रमा से प्रभावित होने के कारण आप में प्रभुत्व आएगा। इनकी सोच और कार्य उच्च स्तरीय होती है और इनके व्यक्तित्व में राजकीय गुण स्वाभाविक हैं। यह भी बता दें कि चन्द्रमा के प्रभाव के कारण इनके पास धन भी आएगा।
  • इस नक्षत्र का प्रथम चरण मेष राशि में तथा तीन चरण वृष राशि में होता है। इस नक्षत्र से प्रभावित व्यक्तियों में कलात्मक विषयों के प्रति अधिक रूचि होती है। शास्त्रों के अनुसार बताया जाता है कि अगर कुण्डली में यह नक्षत्र किसी प्रकार से अशुभ प्रभाव में हो तो व्यक्ति में काम की भावना अधिक होती है जिस वजह से जीवनसाथी के अलावा किसी अन्य से भी इनके संबंध बन सकते हैं। कृतिका नक्षत्र में जन्मे जातक का भाग्योदय अक्सर जन्म स्थान से दूर जाकर होता है। ये अपने जीवनकाल में कई यात्राएं भी करते हैं जिनमें से ज्यादातर निरर्थक साबित होती हैं। आपको सफलता प्राप्त करने के लिए जीवन पर्यंत संघर्षरत रहना पड़ता है। दूर देशों में जाकर ही कृतिका नक्षत्र जातक खूब धन कमाता है।
  • इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातकों के बारे में सकारात्मक बात ये है कि ये काफी तेजस्वी, विद्वान, ईमानदार, धनलोभी, प्रेमी स्वभाव, उदार हृदय, मित्र समूह बनाने वाले, सामाजिक कार्यों में रुचि लेने वाले, अतिथि सत्कार में कुशल, कला एवं कला विज्ञान में कुशल, अभिनय एवं नाट्य क्षेत्र में रुचि रखने वाले होते हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार कृतिका नक्षत्र के प्रतीक चिन्ह का चित्रण सामान्य तौर पर कुल्हाड़ी, कटार या तेज धार वाले ऐसे ही अन्य शस्त्रों तथा औजारों के रुप में किया जाता है, जो काटने के काम में प्रयोग किये जाते हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार अग्नि को भी कृतिका नक्षत्र के प्रतीक चिन्ह के रुप में चित्रित किया जाता है, जो इस नक्षत्र के अग्नि स्वभाव को दर्शाता है।

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