Pink Ball History: भारत और बांग्लादेश (India vs Bangladesh) के बीच 22 नवंबर को दूसरा और आखिरी टेस्ट मैच खेला जाएगा। और ये टेस्ट मैच काफी खास है। वो इसलिए क्योंकि आज भारतीय टीम अपना पहला डे-नाइट टेस्ट मैच खेलने जा रही है। जिसका गवाह कोलकाता का ईडन गार्डन बनेगा। वहीं इससे पहले पहला टेस्ट मैच इंदौर में खेला गया था जो डे टेस्ट मैच था और इसमें भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ शानदार जीत हासिल की थी। वहीं शुक्रवार को दूसरा डे-नाइट टेस्ट मैच है जो पिंक बॉल से खेला जाएगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गुलाबी गेंद यानि पिंक बॉल (Pink Ball) से पहला डे-नाइट टेस्ट मैच कब खेला गया था और इसमें कितने रिकॉर्ड्स बने थे। नहीं…..तो चलिए ये दिलचस्प जानकारी आपको हम उपलब्ध करवाते हैं।

पहले डे-नाइट वनडे (First Day Night One Day) की बात करें तो ये मैच 27 नवंबर, 1979 को खेला गया था और इसके ठीक 36 साल बाद साल 2015 में इसी दिन यानि 27 नवंबर को ही पहला डे-नाइट टेस्ट मैच खेला गया। इस पहले डे-नाइट टेस्ट मैच(First Day Night Test Match) की खासियत ये थी कि पहली बार टेस्ट इतिहास में टेस्ट मैच पिंक बॉल से खेला गया था। ये 2188वां टेस्ट मैच था जो एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के बीच खेला गया था। ये पिंक बॉल से खेला जाने वाला पहला डे-नाइट टेस्ट मैच तो था ही लेकिन इस मैच में कुल 11 नए रिकॉर्ड्स दर्ज किए गए थे। चलिए जानते हैं इन रिकॉर्ड्स के बारे में।

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  • एडिलेड में खेला गया पहला डे-नाइट टेस्ट मैच न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था। जिसमें पहले बल्लेबाज़ी करने का मौका न्यूज़ीलैंड को मिला था। और पहली पिंक गेंद का सामना किया था न्यूज़ीलैंड के ओपनर मार्टिन गप्टिल ने किया। लिहाज़ा पहले डे-नाइट टेस्ट मैच में पहली गेंद खेलने वाले खिलाड़ी का रिकॉर्ड मार्टिन गप्टिल ने अपने नाम दर्ज किया है।
  • वहीं पहले डे-नाइट टेस्ट मैच में पिंक गेंद डालने वाले खिलाड़ी थे ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टॉर्क। जिनके नाम पहले डे नाइट टेस्ट मैच में पहली पिंक बॉल डालने का रिकॉर्ड दर्ज है।
  • मार्टिन गप्टिल न केवल पहली पिंक गेंद बॉल खेलने वाले पहले बल्लेबाज़ बने थे बल्कि उनके नाम इस नई गेंद पर आउट होने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज का रिकॉर्ड भी दर्ज है। वो पहली पारी में एक रन बनाकर आउट हुए।
  • वहीं न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाज़ रॉस टेलर गुलाबी गेंद से कैच आउट होने वाले पहले बल्लेबाज बने हैं।
  • रॉस टेलर का कैच ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर पीटर नेविल ने लपका था लिहाज़ा गुलाबी गेंद को कैच करने वाले पहले फील्डर का रिकॉर्ड पीटर नेविल के नाम दर्ज है।

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  • पहले डे-नाइट टेस्ट मैच में गुलाबी गेंद से बोल्ड होने वाले पहले बल्लेबाज़ मिचेल सैंटनर हैं, जिनके नाम ये रिकॉर्ड दर्ज है।
  • वहीं गुलाबी गेंद से पहला चौका लगाने वाले रिकॉर्ड की बात करें तो ये रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज टॉम लॉथम के नाम है।
  • वहीं सिर्फ पहला चौका ही नहीं बल्कि डे-नाइट टेस्ट में पहली  बार गुलाबी गेंद का सामना करते हुए हाफ सेंचुरी बनाने वाले पहले बल्लेबाज भी टॉम लॉथम ही हैं।
  • इस टेस्ट मैच में पहली बार गुलाबी गेंद का सामना करने वाली न्यूज़ीलैंड के 9 विकेट कुल 194 रनों पर ही गिर गए थे।
  • वहीं 10वें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए न्यूज़ीलैंड के टिम साउदी गुलाबी गेंद से छक्का लगाने वाले पहले बल्लेबाज हैं।
  • इस मैच में पहले रन आउट होने वाले खिलाड़ी की बात करें तो ये रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज शॉन मार्श के नाम दप्ज है। जिन्हे ब्रैंडन मैकुलम ने रन आउट किया था।
  • गुलाबी गेंद से खेलने वाले पहले डे-नाइट टेस्ट मैच में बतौर कप्तान पहली फिफ्टी जमाने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीवन स्मिथ के नाम दर्ज है। स्मिथ ने 53 रन बनाए थे।
  • ऑस्ट्रेलिया के पीटर सिडल का नाम भी पहली गुलाबी टेस्ट रिकॉर्ड बुक में शामिल है। वो इस मैच में शून्य पर आउट होने वाले पहले बल्लेबाज रहे।
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