Magnetic Hill in Ladakh: बहुत सी ऐसी रहस्यमई जगहें इस दुनिया में मौजूद हैं, जिनका रहस्य ढूंढने में आज तक वैज्ञानिक लगे हुए हैं। इन्हीं में से एक जगह भारत के लेह-लद्दाख में स्थित है। मैग्नेटिक हिल के नाम से यह केवल भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में मशहूर है। इस जगह की खासियत यह है कि यहां 4 किलोमीटर तक आपकी गाड़ी बिना पेट्रोल या फिर धक्का मारे ही अपने आप चल पड़ती है। यही नहीं, गाड़ी की गति भी 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार की होती है। अब आपके दिमाग में यही सवाल आ रहा होगा कि आखिर ऐसा हो कैसे सकता है? तो चलिए, अब आपको हम इसके बारे में बताते हैं।

क्या है खास? (Magnetic Hill in Ladakh)

लद्दाख क्षेत्र में एक पहाड़ी है जो कि लेह के बेहद करीब स्थित है। इसे ही मैग्नेटिक हिल के नाम से जाना जाता है। आपके दिमाग में तो यही आ रहा होगा कि यदि इलाका पहाड़ी है तो यहां आप कार को न्यूट्रल में डालकर इसे आसानी से उतार सकते हैं, तो भला इसमें रहस्य वाली कौन सी बात है? तो थोड़ा धैर्य रखिए। हम आपको बताते हैं कि यहां क्या होता है? यह जो मैग्नेटिक हिल है, यहां 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी केवल नीचे ही नहीं आती है, बल्कि इतनी ही गति से ऊपर की ओर भी चढ़ जाती है और यह सब बिना गाड़ी को स्टार्ट किए ही होता है।

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क्या करें आप?(Magnetic Hill in Ladakh)

एक बार जब आप अपनी कार को लेकर इस पॉइंट पर पहुंच जाते हैं तो आपको यहां अपनी कार को बंद कर देना है। जैसे ही आप कार को बंद करेंगे, उसके बाद देखिए कि किस तरीके से खुद से आपकी कार इस पहाड़ी रास्ते पर 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चढ़ना शुरू कर देती है। आपको यदि कुछ करना है तो स्टीयरिंग अच्छी तरह से पकड़े रहें। यदि आप ठीक से स्टीयरिंग को नहीं संभाल लेते हैं, तो संभव है कि मामला आपका बिगड़ जाए। यदि आप हिल से नीचे की ओर उतर रहे हैं, यानी कि आपकी गाड़ी नीचे की ओर आ रही है तो इसकी गति 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़कर 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच जाती है।

विमान तक नहीं हैं अछूते

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हैरान करने वाली बात यह है कि केवल जो गाड़ियां जमीन पर चल रही हैं, वही इस चुंबकीय प्रभाव से प्रभावित नहीं होती हैं, बल्कि हवा में जो विमान यहां से गुजर रहे हैं, इस चुंबकीय प्रभाव की चपेट में वे भी आ जाते हैं। कई पायलट्स जो इस मैग्नेटिक हिल के ऊपर से विमान उड़ाने का अनुभव कर चुके हैं, उन्होंने इस बारे में बताया है कि जब विमान इस क्षेत्र से गुजरते हैं तो विमान में उन्हें उस वक्त हल्के झटके महसूस होने लगते हैं। यही कारण है कि जब भी विमान इस चुंबकीय क्षेत्र में प्रवेश करने वाले होते हैं, तो पायलट्स इसकी रफ्तार काफी बढ़ा देते हैं, ताकि इस पहाड़ी क्षेत्र के चुंबकीय प्रभाव से प्रभावित हुए बिना विमान यहां से निकल जाएं।

कोशिशें जारी हैं

इस रहस्य का पता लगाने की कोशिश बहुत से लोगों द्वारा की गई है। बेंगलुरु से इंजीनियरिंग के कई छात्र यह पता लगाने यहां गए थे कि आखिर कौन सी रहस्यमई ताकत इसके पीछे काम कर रही है। छात्रों ने अपने अनुसंधान में यह पाया है कि मैग्नेटिक हिल की जो ज्योग्राफिक और एल्टीट्यूड पोजीशन है, वह कुछ इस तरह की है कि गाड़ियां अपने आप ही ऊपर की ओर बढ़ने लगती हैं। वैसे, बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो इसे गुरुत्वाकर्षण का चमत्कार बताते हैं। हालांकि, किसी भी बात की पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है। बहुत से लोग तो यह भी मानते हैं कि एक तरह का यह साइकोलॉजिकल इल्यूजन भी है। यह लोगों की नजरों को धोखा देता है।

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