अगर आप अपना करियर मेडिकल क्षेत्र में बनाना चाहते हैं। तो आप फिजियोथेरेपी के क्षेत्र का चुनाव कर सकते हैं। जहां आप एक बेहतरीन नौकरी और अपने करियर को संवारने का सुनहरा मौका पाएंगे। इस क्षेत्र में करियर कैसे बनाएं, एक फिजियोथेरेपिस्ट बनने के लिए कौन सा कोर्स करें और ऐसे कौन से इंस्टिट्यूट है जो आपको इस कोर्स के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म देंगे। इसकी जानकारी हम आपको आज के इस आर्टिकल में देने जा रहे हैं।
फिजियोथेरेपी एक तरह की शारीरिक चिकित्सा है। इस उपचार के दौरान शरीर या फिर हड्डियों में लगे चोटों का उपचार होता है। इस दौरान मालिश, योगा और फिजिकल एक्सरसाइज करवाया जाता है। यह थेरेपी, फिजियोथैरेपी एक्सपर्ट (फिजियोथैरेपिस्ट) की देखरेख में की जाती है। इस उपचार के दौरान दवाओं का ना के बराबर उपयोग होता है। शरीर में चोट आ जाए या हड्डियां टूट जाए तो उसे ठीक करने के लिए पहला उपचार ऑर्थोपेडिक (हड्डियों का डॉक्टर) करता है और उसे सामान्य करने के लिए एवं शरीर के अंग को पहले की तरह चाल-चलन में लाने के लिए जो प्रक्रिया होती है। वह फिजियोथैरेपिस्ट करता है। कई बार हड्डियों और मांसपेशियों में लगे चोट का इलाज बिना किसी चिरफाड़ के या बिना प्लास्टर के भी हो जाता है और यह काम फिजियोथैरेपी की मदद से होता है।

कैसे बनाएं फिजियोथैरेपी में अपना करियर

मेडिकल के क्षेत्र में फिजियोथैरेपिस्ट या फिजियोथैरेपी एक्सपोर्ट की काफी डिमांड है। जिस तरह से हमारे देश में जनसंख्या बढ़ रही है। उसी तरह से मरीजों और रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिसे देखते हुए कई सारे हॉस्पिटल में डॉक्टरों और एक्सपर्ट के पद भी खाली हो रहे हैं। यही कारण है कि अगर आप चाहें तो इस कोर्स को करके मेडिकल के क्षेत्र में एक बेहतर भविष्य की कामना कर सकते हैं। अगर आप एक लंबे समय तक किसी हॉस्पिटल या बड़े डॉक्टर की देखरेख में ट्रेनिंग लेते हैं और इस काम का अनुभव प्राप्त कर लेते हैं। तो आगे चल कर आप अपना क्लीनिक भी खोल सकते हैं। फिजियोथैरेपी का कोर्स करने के बाद आपको अस्पताल, ऑर्थोपेडिक डिपार्टमेंट, रिहैबिलिटेशन सेंटर फॉर हैंडिकैप्ड, सरकारी अस्पताल एवं क्लीनिक, एनजीओ, स्पोर्ट्स टीम, जिम फिटनेस सेंटर और रिहैबिलिटेशन सेंटर्स में आसानी से नौकरी मिल सकती है।

कैसे करें फिजियोथैरेपी का कोर्स

फिजियोथैरेपी में करियर बनाने के लिए सबसे पहले जरूरी है कि आप बीपीटी का कोर्स करें। बीपीटी का फुल फॉर्म होता है बैचलर इन फिजियोथैरेपी, इस कोर्स को करने के बाद आप इस क्षेत्र में मास्टर की भी पढ़ाई कर सकते हैं। जिसे एमपीटी कहते हैं, फिजियोथैरेपी में डिप्लोमा का कोर्स भी उपलब्ध है। डीपीटी(डिप्लोमा) का कोर्स 2 साल का होता है। वहीं अगर आप बीपीटी करते हैं तो 4 साल का समय लग सकता है। इस कोर्स को करने के बाद आपको इंटर्नशिप करनी पड़ती है जो कि आपके इंस्टिट्यूट के द्वारा ही दिलवाया जाता है। इंटर्नशिप खत्म करते हीं आपको किसी भी अस्पताल या क्लीनिक में बेहद आसानी से नौकरी मिल सकती है।

कितनी होती है एक फिजियोथेरेपिस्ट की कमाई

अगर आप बतौर फिजियोथैरेपिस्ट अपने करियर की शुरुआत करते हैं। तो शुरुआती दौर में आपकी तनख्वाह करीब 8 से 10 हजार रु प्रति माह तक हो सकती है। लेकिन जैसे-जैसे इस क्षेत्र में आपका अनुभव बढ़ता जाएगा। वैसे-वैसे आपकी सैलरी बढ़ती जाती है और भविष्य में इस क्षेत्र में आप बेहतर कर सकते हैं। अगर आप किसी संस्कारी संस्थान से जुड़ते हैं तो प्रतिमाह आपकी सैलरी 30 से 40 हजार के आसपास में हो सकती है। वहीं प्राइवेट क्षेत्र में आप प्रतिमाह 50 से 70 हजार तक की कमाई भी कर सकते हैं। अगर आप अपना खुद का क्लीनिक खोलते हैं तो कमाई की कोई सीमा नहीं रहती है।
फिजियोथैरेपी कोर्स करने के लिए अनेक राज्यों में अनेक संस्थान है। आप अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी संस्थान का चुनाव कर सकते हैं। कई सारे प्राइवेट संस्थान भी इस कोर्स को करने का ऑफर देते हैं। फिजियोथैरेपी करने के लिए कुछ प्रमुख संस्थाएं हैं।

जिसकी सूची हम आपसे साझा कर रहे हैं।

• नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ रिहेबिलिटेशन ट्रेनिंग एंड रिसर्च, उड़ीसा
• डॉ. डीवाई पटेल कॉलेज ऑफ फिजियोथैरेपी, पुणे
• एसएसबी कॉलेज ऑफ फिजियोथैरेपी, अहमदाबाद
• रविनैय्यर कॉलेज ऑफ फिजियोथैरेपी, वर्द्धा
• पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च, चंडीगढ़
• नेशनल इंस्टिट्यूट फॉर द आर्थियोपेडिकली हैंडीकैन्ट, कलकत्ता
• इंस्टिट्यूट ऑफ फिजिकली हैंडीकैंट, नई दिल्ली
• तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद
• सांचती कॉलेज ऑफ फिजियोथैरेपी, पुणे
• वीपीएसम कॉलेज ऑफ फिजियोथैरेपी, नागपुर
• के. एम. पटेल इंस्टिट्यूट ऑफ फिजियोथैरेपी, गोकुल नगर
इन कॉलेजों के अलावा भी आपके आसपास या फिर आपके शहर में कई सारे ऐसे कॉलेज हैं। जो इस कोर्स को करने का ऑफर देते हैं। आप अपनी बेहतरी के हिसाब से इस कोर्स को करने के लिए संस्थान का चुनाव कर सकते हैं।
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