Nikola Tesla Facts: स्वभाव से बेहद शांत और चुपचाप रहने वाले 28 वर्षीय बेहद ही प्रतिभाशाली युवक, जिसने आगे चलकर इस संसार को वो चीज दी जिसके बिना आधुनिक जीवन की कल्पना कर पाना काफी हद तक असंभव था। जी हां, हम बात कर कर रहे हैं 10 जुलाई, 1856 को क्रोशिया देश में जन्मे महान वैज्ञानिक निकोला टेस्ला की। ये वही व्यक्ति हैं जिन्होंने बिजली का अविष्कार किया और जिनकी वजह से आज इस धरती का तकरीबन हर घर प्रकाशित है। हालांकि, टेस्ला के बारे में ऐसा बताया जाता है कि वह बचपन से ही बहुत होनहार थे लेकिन इसके बावजूद उन्होंने स्नातक नहीं किया। इसकी वजह बताई गयी उनकी जुआ खेलने की बुरी आदत। हालांकि, इसमें कितनी सच्चाई है इसके बारे में कहीं कोई खास उल्लेख नहीं है।

आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि निकोला टेस्ला को एक, दो या तीन नहीं बल्कि पूरे आठ अलग-अलग भाषाओं का ज्ञान था। टेस्ला को अपने काम में किसी भी तरह की दखलअंदाजी पसंद नहीं थी, जिसकी वजह से उन्होंने कभी शादी ही नहीं की। आस्ट्रिया के ग्रेज स्थित पॉलिटेक्निक संस्थान से निकोला टेस्ला ने अपनी इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। पढ़ाई के ही दौरान उन्हें इस बात को समझने का मौका मिला कि अभी तक बिजली के जिस रूप को यानी की डायरेक्ट करेंट (DC) को इतनी ज्यादा तवज्जो दी जाती है और उसे बेहद ही उपयोगी बताया जा रहा है, असल में वो सही नहीं है। यही वो पल था जब टेस्ला ने AC करेंट के बारे में सोचना शुरू कर दिया था, ताकि इसे अधिक से अधिक उपयोगी बनाया जा सके।

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विज्ञान के हिसाब से DC करेंट में इलेक्ट्रॉन सिर्फ एक ही दिशा में गतिमान रहते हैं, जिसकी वजह से बिजली को अधिक दूरी तक नहीं भेजा जा सकता। वहीं, दूसरी तरफ AC करेंट में इलेक्ट्रॉन हर बार अपनी दिशा बदलते हैं, जिसकी वजह से बिजली को न केवल अधिक दूर तक भेजा जा सकता था बल्कि अन्य कई तरीके से भी प्रयोग में लाया जा सकता था और इस काम को निकोला टेस्ला ने कर दिखाया।

चूंकि टेस्ला की दिलचस्पी इसमें काफी ज्यादा थी मगर 19वीं सदी के अंत तक डीसी बिजली को किसी करिश्मे से कम नहीं समझा जाता था और इस करिश्मे को करने वाले जादूगर थे महान वैज्ञानिक थॉमस एल्वा एडिसन। किसी तरह से सन 1884 में निकोला की मुलाक़ात एडिसन से हुई जिसका जरिया था एक पत्र। यह पत्र एडिसन के पूर्व सहयोगी का था जिसमें टेस्ला का भी उल्लेख किया गया था और उसे ‘महान’ की संज्ञा भी दी गयी थी। वैसे देखा जाए तो निकोला टेस्ला का थॉमस एडिसन के अविष्कारों में काफी महत्वपूर्ण योगदान रहा है मगर किन्ही वजहों से दोनों में विवाद की स्थिति बन आई, जिसके बाद टेस्ला ने एडिसन के साथ काम करना बंद कर दिया था।

असल में जब टेस्ला मशहूर वैज्ञानिक एडिसन के साथ काम करते थे तो उस दौरान एडिसन ने टेस्ला को उनकी मोटर और जरनेटर को और भी बेहतर बनाने का चैलेंज दिया और साथ में यह भी कहा कि अगर वह इस काम को कर पाने में सफल हो जाते हैं तो वह उन्हें 50 हज़ार डॉलर देंगे। इसके बाद टेस्ला ने उनका चैलेंज पूरा भी कर दिया मगर एडिसन अपने वादे से मुकरते हुए इसे एक मज़ाक बताया और हंसकर टाल गए। जिसके बाद गुस्से में आकर टेस्ला ने उनकी कंपनी छोड़ दी।

बाद में टेस्ला ने खुद की अपनी एक कंपनी शुरू की जहां पर उन्होंने इस दुनिया को वो दिया जिसके बाद तो दुनिया की काया ही पलट गयी। चूंकि अभी तक सभी घरों में DC करेंट का इस्तेमाल किया जाता रहा था, जिसमें न केवल खर्च ज्यादा था बल्कि परेशानियां भी थी। मगर टेस्ला के इस अविष्कार के बाद से बिजली को ज्यादा दूरी तक पहुंचाना आसान हो गया। आज हम सभी के घरों में AC बिजली का ही इस्तेमाल होता है, जिसकी मदद से हम पंखा, कूलर, और तमाम चूमने वाले बिजली के उपकरण आदि चलाते हैं। आज हम सभी जिस Wi-Fi तकनीक का इस्तेमाल करते हैं वो भी टेस्ला की ही देन है। हालांकि, इसका अविष्कार उन्होंने नहीं किया है मगर इस पद्धति को सामने लाने वाले और इसका आइडिया देने वाले टेस्ला ही हैं।

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