Immunotherapy in Hindi: इम्यूनोथेरेपी(Immunotherapy) को कैंसर की बीमारी से लड़ने में सबसे ज्यादा मददगार माना जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिससे हर साल हज़ारों लोगों की जान जाती है। हालाँकि इस खतरनाक बीमारी से लड़ने के लिए बहुत से इलाज ढूंढें गए लेकिन उनमें सबसे ज्यादा असरदार इम्यूनोथेरेपी को माना जाता है। इस थेरेपी से कैंसर से लड़ने में काफी मदद मिलती है और रिकवरी के चांस ज्यादा होते हैं। यहाँ हम आपको इम्यूनोथेरेपी(Immunotherapy) के विभिन्न प्रकार के बारे में बताने जा रहे हैं। साथ ही जानेंगे यह थेरेपी कैसे काम करती है।

कैंसर के मरीजों पर कैसे काम करती है इम्यूनोथेरेपी

Immunotherapy in hindi For Cancer Patients
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इम्यूनोथेरेपी विशेष रूप से कैंसर मरीजों के शरीर से टी कोशिकाओं को बाहर निकाल कर कैंसर के सेल्स को नष्ट करने का काम करती है। इसे मानव शरीर में एंटीबॉडी की संख्या बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया जाता है। इस थेरेपी की मदद से मरीज की प्रतिरक्षा प्रणाली काफी मजबूत होती है और उन्हें कैंसर से लड़ने में मदद मिलती है। इम्यूनोथेरेपी(Immunotherapy) के विभिन्न प्रकारों के मदद से कैंसर के रोकथाम में सहायता मिलती है।

कैंसर के रोकथाम में इम्यूनोथेरेपी के इन प्रकारों का मदद लिया जाता है

1. मोनोक्लोनल इम्यूनोथेरेपी

Monoclonal Immunotherapy in hindi
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यह इम्यूनोथेरेपी विशेष रूप से लैब में बनाए गए अणु होते हैं। ये विशेष रूप से शरीर में कैंसर के सेल्स को पहचानने और उन पर आक्रमण करने के लिए तैयार किए जाते हैं। इंसान के शरीर में प्रतिरक्षा प्रणाली विशेष रूप से उन चीजों को देखती है जो शरीर के लिए नुकसानदेह होते हैं लेकिन कैंसर सेल्स को पहचानने में इनसे चूक हो जाती है। बता दें कि, मोनोक्लोनल इम्यूनोथेरेपी में कैंसर से लड़ने वाले ऐंटीबॉडी के साथ ही कुछ कीमोथेरेपी दवाओं का भी इस्तेमाल किया जाता है। ये कैंसर सेल्स को शरीर में फैलने से रोकने में मददगार होते हैं।

2. टी-सेल इम्यूनोथेरेपी

T Cell Immunotherapy in hindi
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यह इम्यूनोथेरेपी खासतौर से प्रतिरक्षा कोशिकाओं को पुश देने के लिए तैयार किया जाता है। इस थेरेपी के दौरान शोधकर्ता कैंसर मरीज के शरीर से टी कोशिकाओं को हटाकर देखते हैं कौन से टिश्यू उनसे लड़ रहे हैं। जब यह पता लग जाता है कि, कौन सी प्रतिरक्षा टिश्यू कैंसर सेल से लड़ने में मददगार है फिर उसके जीन को और भी मजबूत बनाया जाता है। ये प्रक्रिया लैब में पूरी होने के बाद मरीज के शरीर में टिश्यू को इन्सर्ट किया जाता है। इम्यूनोथेरेपी की इस प्रक्रिया को सबसे आम माना जाता है। हालाँकि इसका असर मरीजों पर व्यापक रूप से जरूर पड़ता है।

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3. कार टी-सेल थेरेपी

Car T Cell Therapy in hindi
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इम्यूनोथेरेपी का यह प्रकार एक दत्तक टी-सेल इम्यूनोथेरेपी है। इस थेरेपी का इस्तेमाल विशेष रूप से बच्चों और युवाओं में हाई लिम्फोब्लासटिक ल्यूकेमिया के इलाज के लिए किया जाता है। हालाँकि कुछ स्थितियों में इस थेरेपी का इस्तेमाल वयस्कों में बी-सेल लिंफोमा के कुछ प्रकार को ठीक करने के लिए किया जाता है।

तो ये थे कैंसर जैसे रोग से लड़ने में बेहद मददगार इम्यूनोथेरेपी(Immunotherapy) के प्रकार

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