Shanthappa Jademmanavr Teaches Childrens: आम तौर पर ऐसा देखा जाता है कि जिस रास्ते पर पिता चलता है, उसी रास्ते पर ही उसका बेटा भी चलता है और खासकर तब, जब वह अभावग्रस्त और गरीबी भरी जिंदगी जीने को मजबूर हो। हालांकि हमारे समाज में कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो अकेले दम पर ही समाज का भविष्य बनाने और बदलाव की नई तस्वीर बनाने में लगे हुए हैं। हम जिनकी बात कर रहे हैं, वह खाकी वर्दी पहन एक तरफ जहां समाज की रक्षा करते हुए अपना फर्ज निभा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ गरीब मजदूरों के बच्चों को शिक्षित कर आने वाला कल भी संवार रहे हैं।

लोगों ने कहा रियल सिंघम

दरअसल कर्नाटक के बेंगलुरू में अन्नपूर्णेश्वरी नगर के उप निरीक्षक शांथप्पा जीदमनव्वर(Shanthappa Jademmanavr) इस काम को बखूबी अंजाम दे रहे हैं। शांथप्पा ऐसे बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं, जिनके पास आज के समय में ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण करने के लिए न ही लैपटॉप है और न ही अन्य संसाधन। यही नहीं सोशल मीडिया पर शांथप्पा के काम का जिक्र होने के बाद अब लोग उन्हें रियल सिंघम बता रहे हैं और उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं।

शांथप्पा ने एएनआई से बात करते हुए कहा है, ‘प्रवासी श्रमिकों के बच्चों को भी शिक्षा का अधिकार है और यह उनकी गलती नहीं है कि वे स्कूल नहीं जा सकते या ऑनलाइन शिक्षा हासिल नहीं कर सकते। मैं नहीं चाहता कि ये बच्चे अपने माता-पिता का काम करें, सिर्फ पढ़ाई करें। यह मेरे लिए प्राथमिकता है।’

गरीब बच्चों को दी फ्री शिक्षा

शांथप्पा अपनी ड्यूटी पर जाने से पहले शिक्षा देने के फर्ज को भी बखूबी निभाते हैं। वह सड़क किनारे बोर्ड लेकर गरीब बच्चों को शिक्षा देते हैं और इसके लिए वह उन बच्चों से एक भी पैसा नहीं लेते। शांथप्पा की ओर से गरीब बच्चों को शिक्षा देने की कुछ तस्वीरें भी एएनआई ने ट्विटर पर साझा की हैं। जिसके बाद शांथप्पा पूरे देश में एक हीरो की तरह सामने आए हैं।

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गौरतलब हो कि हमारे समाज में शांथप्पा(Shanthappa Jademmanavr) की तरह कुछ विरले ही लोग हैं, जो अपने फर्ज को निभाने के साथ देश के भविष्य को भी सुधारने में लगे हुए हैं। शांथप्पा के इस काम के लिए हर कोई उनकी तारीफ कर रहा है।

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