शारदीय नवरात्रि के साथ ही त्यौहारों का मौसम शुरू हो गया है। आने वाले दो दिनों में दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। इसके बाद दिवाली और अन्य प्रमुख त्यौहार भी आने वाले हैं। त्यौहारों पर विशेष रूप से लोगों से मेल मिलाप का सिलसिला शुरू हो जाता है। लेकिन चूँकि कोरोना वायरस का प्रकोप अभी खत्म नहीं हुआ है इसलिए इस समय मस्ती के साथ ही सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद जरुरी है। इस बात का जिक्र बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Narendra Modi) ने अपने भाषण में भी किया है। पीएम मोदी ने सभी नागरिकों से इस दौरान ख़ास एहतियात बरतने की अपील की है। इसके साथ ही गृह मंत्रालय ने भी त्यौहारों(Festive Season) में लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर कुछ जरूरी नियम बनाएं हैं । आइये जानें होम मिनिस्ट्री के किन नियमों का पालन कर सुरक्षित रहा जा सकता है।

त्यौहारों के दौरान इन बातों का ख़ास ध्यान रखें

त्यौहार के इस मौसम(Festive Season) में जहाँ एक तरफ लोगों में एक ख़ास उत्साह रहता है वहीं दूसरी तरफ इस साल कोरोना वायरस की वजह से कुछ सावधानियां भी रखनी होंगी। फ़ेस्टिवल के समय बाहर आते-जाते समय कुछ जोखिमों से बचने के लिए नियमों का पालन करना ख़ासा जरूरी है। इस बारे में गुरुग्राम के नारायण हॉस्पिटल पल्मोनरी एंड स्लीप मेडिसीन की कंसल्टेंट डॉक्टर शीबा कल्याण बिस्वाल ने भी हेल्थ प्रोटोकॉल पर विशेष ज़ोर दिया है। उनका कहना है कि, त्यौहारों के समय भीड़ भाड़ वाली स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। लोगों से मिलने जुलने पर भी दो गज की दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है। डॉक्टर शीबा का कहना है भीड़ वाली जगहों पर मास्क को उतारना सबसे ज्यादा खतरनाक है। यदि इस दौरान किसी को भी कोरोना के लक्षण दिखें तो सबसे पहले डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

गृहमंत्रालय के इन नियमों का पालन करना है बेहद जरूरी

  • रैली या जुलूस में लोगों की संख्या उतनी ही हो जितनी की इजाज़त मिले।
  • बाहर निकलने पर हर एक व्यक्ति के लिए मास्क पहनना और सोशल डिस्टैन्सिंग का पालन करना अनिवार्य।
  • भीड़ वाली जगहों पर लोगों के पानी पीने की व्यवस्था के लिए डिस्पोजेबल ग्लास जरूर रखीं जाए।
  • त्यौहारों में किसी भी समारोह स्थल पर मेडिकल सुविधा की व्यवस्था पहले से की जाए।
  • किसी भी व्यक्ति को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर उसे तुरंत हॉस्पिटल में एडमिट किया जाए।
  • किसी भी जगह पर एयर कंडीशन चलने के लिए तापमान को हमेशा 24 से 30 के बीच ही रखा जाए।
  • पूजा पंडालों, मेलों या संगीत कार्यक्रमों के आयोजन स्थल पर लोगों की संख्या और एंट्री निश्चित होनी चाहिए।
  • धार्मिक स्थलों पर गाना आदि गाने के लिए गायकों के समूह को अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। इस दौरान रिकार्डेड गानों का इस्तेमाल ही करें।
  • गर्भवती महिलाओं, 65 साल की उम्र से ज्यादा व्यक्ति और दस साल से छोटे बच्चों को किसी भी भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से नहीं दिया जाना चाहिए।

गृहमंत्रालय के इन नियमों का पालन कर आप त्यौहारों(Festive Season) के मौके पर भी खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।

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