आज की सुबह इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगी। आज देश की जनता जिस खबर के साथ जागी है। वह खबर शायद देश में मौजूद बलात्कार के आरोपियों और गुनहगारों को एक संदेश देगा। दरअसल आज सुबह हैदराबाद में 27 वर्षीय पशु चिकित्सा के साथ हुए सामूहिक बलात्कार और हत्या के चार आरोपियों की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक चारों आरोपियों को घटना स्थल की पहचान के लिए लेकर जाया जा रहा था। इस दौरान चारों ने मिलकर पुलिस पर हमला कर दिया और पुलिस का हथियार छीन कर उनके ऊपर गोली चलाने की भी कोशिश की इस दौरान दो पुलिसकर्मी जख्मी भी हो गए।

2008 में हुआ था वारंगल एनकाउंटर

जिस तरह से शुक्रवार की सुबह देश की जनता ने बलात्कार आरोपियों के एनकाउंटर की खबर सुनी कुछ ऐसा ही मिलता-जुलता वाकया साल 2008 में आंध्र प्रदेश के वारंगल में हो चुका है। कमाल की बात यह है कि उस दौरान वारंगल में वही अफसर तैनात थे। जो इस वक्त साइबराबाद के एसपी हैं। दिसंबर 2008 में आंध्र प्रदेश पुलिस ने दो कॉलेज छात्रा स्वप्निका और परिणीता के ऊपर एसिड अटैक करने वाले तीन अपराधियों का एनकाउंटर किया था। वारंगल स्थित काकित्या इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में पढ़ने वाली स्वप्निका ने श्रीनिवास नाम के लड़के का प्रपोजल ठुकरा दिया था। जिसके बाद आरोपी श्रीनिवास ने अपने दोस्त संजय और कृष्णा के साथ मिलकर पीड़िता और उसकी दोस्त के ऊपर एसिड अटैक किया था। उस दौरान भी ठीक साइबराबाद की तरह है खबर आई थी कि पुलिस और अपराधियों के बीच हुए मुठभेड़ में तीनों आरोपी मारे गए।

इस एनकाउंटर के दौरान वारंगल के एसपी विजे सज्जनार थें। इस एनकाउंटर के बाद सज्जनार का नाम काफी सुर्खियों में आ गया था। हालांकि आरोपी के परिजनों और कुछ सोशल एक्टिविस्ट ने इस एनकाउंटर पर सवाल उठाए थें। लेकिन तब तक सज्जनार वहां के हीरो बन गए थे। 2008 की एक रिपोर्ट के मुताबिक एनकाउंटर के बाद पीड़ित लड़कियों के कॉलेज में जश्न का माहौल था, लोग पटाखे जला रहे थे और आपस में मिठाइयां भी बांट रहे थें। उस दौरान आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री कांग्रेस के वाईएस राजशेखर रेड्डी हुआ करते थें।

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