21 Days Lockdown: दुनिया भर में बढ़ते कोरोना वायरस के प्रभाव को देखते हुए भारत सरकार ने पूरे देश को 21 दिनों तक लॉकडाउन करने का अहम फैसला लिया। इस दौरान सभी सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों को बंद करवा दिया है। जो लोग घर से काम कर सकते हैं वो अपने-अपने घरों से काम रहे हैं। केवल मीडिया और हॉस्पिटल में काम करने वाले डॉक्टर और नर्सों को अपनी ड्यूटी पर जाने की छूट है। भारत में इस समय कोरोना वायरस के कुल 942 केस हैं। दिन बा दिन बढ़ती संख्या को देखते हुए ये अनुमान लगाया जा रहा है कि, 21 दिनों के लॉकडाउन की इस अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। आइये जानते हैं क्या ये खबर वाकई में सच है या महज एक अफ़वाह है।

केंद्र सरकार ने इसे महज एक अफ़वाह बताया

Is the 21-day lockdown really going to move forward
Satyagrah

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, 21 दिनों के लॉकडाउन की अवधि को आगे बढ़ाने की बात को केंद्र सरकार ने सिर्फ एक अफ़वाह बताया है। जब इस बारे में कैबिनेट सचिव राजीव गौबा से पूछा गया तो उन्होनें इस खबर का खंडन करते हुए जानकारी दी कि, केंद्र सरकार का 21 दिनों के लॉकडाउन की अवधि को आगे बढ़ाने का कोई विचार नहीं है। यह केवल लोगों द्वारा बनाई गई एक झूठी अफ़वाह है जिसका कोई आधार नहीं है। उन्होनें आगे इस बारे में बताया, “मैं खुद इन ख़बरों को सुनकर बेहद हैरान हूँ, लोगों को इन बातों पर भरोसा नहीं करना चाहिए और सरकार के आदेशों का पालन करना चाहिये।

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सरकार क्यों नहीं बढ़ा सकती हैं लॉकडाउन की अवधि ? (21 Days Lockdown)

मोदी सरकार द्वारा बीते 22 मार्च को पहले जनता कर्फ्यू की अपील और उसके बाद पूरे भारत को लॉकडाउन करने का आदेश बेहद सख्ती से माना जा रहा है। कोरोना वायरस से चल रही जंग में दुनिया से एक कदम आगे हटकर भारत सरकार ने देश में इसके मामले बढ़ने से पहले ही लोगों को घरों में रहने के लिए बाध्य कर दिया। बेशक ये बाध्यता सबके हित में है लेकिन, दूसरी तरफ इसका विपरीत प्रभाव उनलोगों पर पड़ता दिखाई पड़ रहा है जो लोग दिहाड़ी मजदूरी करके अपना पेट पालते हैं। ऐसे लोगों का गुजारा रोजाना भत्ता से ही होता था, लेकिन अचानक से सारी चीजें बंद हो जाने से ऐसे लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

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Aljazeera

बीते दिनों देश की राजधानी दिल्ली में आनंद विहार और सराय काले खां बस अड्डों पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था। ये वो लोग थे जो अपने-अपने घर वापस लौटना चाहते थे। बस और ट्रेन ना चलने की वजह से ये लोग पैदल ही अपने घरों को लौटने पर मजबूर हैं। इन सब चीजों को देखते हुए ऐसा कहा जा सकता है कि, सरकार के लिए 21 दिनों से ज्यादा लॉकडाउन करना काफी मुश्किल होगा, देश की अर्थव्यवस्था गिरने के साथ ही दिहाड़ी मजदूरों के लिए भी काफी मुसीबतें होगी।

बहरहाल यदि आपसे भी कोई कह रहा है या सोशल मीडिया पर लोग इस तरह का पोस्ट शेयर कर रहे हैं, जिसमे लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाने की बात की जा रही है तो उस सच ना माने।

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