Coronavirus Lockdown 2.0: वैश्विक महामारी covid 19 ने पूरी दुनिया को एक तरह से अपने चपेट में ले लिया है। दुनिया के हर शहर में लॉकडाउन और इस वजह से लोगों को काफी कठिनाईओं का सामना कर पड़ रहा है। 3 मई के बाद भारत में लॉकडाउन खत्म होगा या नहीं इसकी अभी कोई विस्तृत जानकारी केंद्र सरकार ने नहीं दी है। लेकिन आज गृह मंत्रालय ने नई गाइडलाइन जारी कर 4 मई के बाद कुछ खास चीजों में रियायत देने की बात की है। आइये आपको बताते हैं 4 मई के बाद किन चीजों में लोगों को सुविधा मिल सकेगी।

छात्रों को अपने घर जाने की मिल सकती है अनुमति

many districts may get allowance in lockdown after may 4
Prabhat Khabar

गौरतलब है कि, लॉकडाउन की वजह से जो लोग जहाँ हैं उन्हें वहीं रहने का आदेश सरकार ने दिया था। स्वास्थ्य के मद्देनजर और कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए ये फैसला लिया गया था। इस वजह से काफी लोग अपने परिवार वालों से दूर रहे हैं, सबसे बुरे इस बीच देश भर के विभिन्न हॉस्टलों में फंसे छात्रों की स्थिति है। छात्रों की समस्याओं को देखते हुए गृह मंत्रालय ने अपने गाइडलाइन में इस बार उन्हें उनके घरों तक पहुंचाने के आदेश दिए हैं। छात्रों के साथ ही साथ ये सुविधा उन प्रवासी मजदूरों को भी दी जायेगी जो अपना परिवार चलाने के लिए घर वालों से दूर किसी अन्य राज्य में मजदूरी के लिए आते हैं। हालांकि छात्रों और मजदूरों को ये सुविधा कोरोना के प्रति सभी सुरक्षा रखने के बाद ही दी जाएगी। इस दौरान सुरक्षा के सभी पैमानों का ख्याल रखा जाएगा।

कोटा में फंसे छात्रों को वापस लाने के लिए विशेष व्यवस्था

देश का आईआईटी और मेडिकल हब माना जाता है कोटा को। यहाँ हर साल लाखों की संख्या में विद्यार्थी इन दोनों विषयों की पढ़ाई करने आते हैं। लॉकडाउन की वजह से यहाँ फिलहाल हर राज्य के बच्चे फंसे हुए हैं। बीते दिनों बिहार के कुछ बच्चों को उनके घर पहुंचाया गया। अब दिल्ली सरकार भी कोटा में फंसे छात्रों को वहां से निकालने के आदेश दे रही है। इस बीच आपको बता दें कि, गृह मंत्रालय ने छात्रों को उनके घर पहुंचाने की सुविधा जरूर दी है लेकिन अपने-अपने राज्य पहुंचने के बाद उन्हें 14 दिनों तक आइसोलेशन सेंटर में डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा। चूँकि कोरोना एक जानलेवा वायरस है इसलिए इससे बचाव के सभी नियमों का पालन करना बेहद आवश्यक है। छात्रों और मजदूरों को एक जगह से दूसरे जगह पहुंचाने के लिए बसों का उपयोग होगा जिन्हें पहले से ही सैनीटाइज़ कर दिया गया है।

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