Sachin Tendulkar Laureus Award: क्रिकेट के भगवान् कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के फैन भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में हैं। क्रिकेट में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने के लिए सचिन ने विश्व क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम पहले ही दर्ज करवा लिया है। साल 2011 में सचिन तेंदुलकर ने अपना आखिरी वर्ल्डकप खेला। उस समय के तात्कालिक कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का नेतृत्व और सचिन की बल्लेबाजी ने भारत को वर्ल्ड कप दिलाया था। अगर आप एक क्रिकेट फैन हैं तो आपको वो क्षण जरूर याद होगा जब वर्ल्ड कप जीतने के बाद सभी खिलाड़ियों ने सचिन को कंधे पर उठा कर पूरे मैदान में भारत के झंडे के साथ घुमाया था। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, उसी एक पल के लिए सचिन तेंदुलकर को सम्माननीय लॉरियस (Sachin Tendulkar Laureus Award) सपोर्टिंग मोमेंट अवार्ड से नवाजा गया है।

20 वर्षों में लॉरियस का सबसे अच्छा क्षण माना गया (Sachin Tendulkar Laureus Award)

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, लॉरियस सपोर्टिंग मोमेंट अवार्ड के पिछले 20 वर्षों के इतिहास में मास्टर ब्लास्टर के वर्ल्ड कप 2011 के उस पल को सबसे ज्यादा खास और उम्दा माना गया है। ये केवल सचिन के लिए ही नहीं बल्कि संपूर्ण भारतीय टीम के लिए बहुत ही गर्व की बात है। इससे पहले ऐसा क्षण और ऐसा पल कभी भी भारत को नसीब नहीं हुआ जिसे लॉरियस अवार्ड से सम्मानित किया गया हो।

क्या है लॉरियस अवार्ड का महत्व
(Laureus Award Importance)

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, लॉरियस अवार्ड को विश्व स्तरीय खेल जगत के सबसे अहम अवार्ड में से एक माना जाता है। किसी खिलाड़ी को इस अवार्ड से नवाजा जाना अपने आप में बहुत बड़ी बात है। इस अवार्ड की शुरुआत साल 1999 में डैमलर और रिचीमाउंट ने की थी। इस अवार्ड केटेगरी में बेस्ट स्पोर्टिंग मोमेंट, बेस्ट स्पोर्टपर्सन मेन ऑफ़ दी ईयर, बेस्ट स्पोर्ट्स पर्सन वीमेन ऑफ़ दी ईयर और लॉरियस वर्ल्ड कम बैक ऑफ़ दी ईयर आदि के अवार्ड से नवाजा जाता है।

सचिन तेंदुलकर को लॉरियस अवार्ड फॉर बेस्ट स्पोर्टिंग मोमेंट मिलने के साथ ही इस साल फार्मूला वन के खिलाड़ी लुइस हैमिल्टन और अर्जेंटीना फुटबाल टीम के महान प्लेयर लियोनल मेसी को स्पोर्ट्समैन ऑफ़ दी ईयर के लॉरियस अवार्ड के लिए चुना गया है।

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