Sukanya Samriddhi Yojana in Hindi: भारत सरकार ने 10 साल से कम उम्र की बच्ची के उच्च शिक्षा और विवाह के लिए शुरुआत से ही बचत करने के लिए एक योजना को लांच किया है। जिसका नाम है सुकन्या समृद्धि योजना(SSY), इस योजना के तहत बच्ची के जन्म से ही थोड़ा-थोड़ा करके एक मुश्त रकम जमा किया जा सकता है। जो लोग फिक्स्ड डिपॉजिट के गिरते ब्याज से परेशान हैं। वह इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना में निवेश करने से आपको इनकम टैक्स बचाने में भी मदद मिलेगी।

क्या है सुकन्या समृद्धि योजना(SSY)? [Sukanya Samriddhi Yojana in Hindi]

सुकन्या समृद्धि योजना भारत सरकार द्वारा लांच की गई एक छोटी बचत में बेहतर योजना है। इस योजना को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ स्कीम के तहत लॉन्च किया गया है। इसमें आपके छोटे से निवेश से भी एक बेहतर ब्याज मिलने के अवसर होते हैं। साल 2016 से लेकर 17के बीच इस योजना के तहत करीब 9.1 फ़ीसदी तक ब्याज दिया गया है। इसमें कई लोगों को 9.2 फ़ीसदी तक का भी ब्याज मिला है। इस योजना को उन मध्यमवर्गीय परिवार को ध्यान में रखते हुए लॉन्च किया गया है। जो कम से कम रकम निवेश करते सकते हैं। इसके तहत निवेश करके बेटी के लिए उच्च शिक्षा और विवाह के लिए एकमुश्त राशि जमा की जा सकती है।

फाइनेंसियल प्लानर एक्सपर्ट्स के मुताबिक़ सुकन्या समृद्धि योजना वैसे लोगों के लिए एक बेहतरीन योजना है। जो कम आमदनी वाले हैं और शेयर बाजार में निवेश नहीं करना चाहते हैं। इस योजना की खासियत है कि आपकी निश्चित आमदनी के साथ यह आपके निवेश को सुरक्षा प्रदान करती है।

कैसे और कहां खुलवाएं सुकन्या समृद्धि योजना(SSY) खाता?

सुकन्या समृद्धि योजना के तहत किसी भी बच्ची के जन्म लेने या 10 साल की उम्र के पहले कम से कम 250 रुपए जमा करके खाता खुलवाया जा सकता है। जानकारों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में इस योजना के तहत अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक जमा कराए जा सकते हैं। सुकन्या समृद्धि योजना के लिए खाता किसी भी पोस्ट ऑफिस या इस योजना के कमर्शियल ब्रांच में खुलवाया जा सकता है।

इस खाते को बेटी के 21 साल के होने तक क्या 18 साल के उम्र के बाद उसकी शादी होने तक चला सकते हैं। सुकन्या समृद्धि खाते से अगर आप बच्ची के उच्च शिक्षा के लिए पैसा निकालना चाहते हैं। तो उस दौरान आप इस खाते से 50 फ़ीसदी तक रकम निकाल सकते हैं।

क्या है सुकन्या समृद्धि योजना खाता खोलने के नियम

सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाता बच्ची के माता-पिता या कानूनी तौर पर उसके अभिभावक खोलवा सकते हैं। इसके लिए बच्ची की उम्र 10 साल से कम होनी चाहिए। नियम के तहत एक बच्ची के नाम पर एक ही खाता खोला जा सकता है और उसमें पैसा जमा किया जा सकता है। किसी भी बच्ची के नाम पर दो खाता नहीं खुलवाए जा सकते हैं। खाता खुलवाने के लिए बच्ची का बर्थ सर्टिफिकेट, पोस्ट ऑफिस या बैंक में जमा करना जरूरी होता है। इसके साथ-साथ अभिभावक का पहचान और पता का प्रमाण भी देना जरूरी होता है। 250 रु. से यह खाता खुलवाने के बाद आप न्यूनतम हर महीने 100 रु. भी इस खाते में जमा कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे हैं कि वित्त वर्ष में इस खाते में आप 1.5 लाख से अधिक नहीं जमा करा सकते हैं।

सुकन्या समृद्धि खाते में रकम खाता खुलवाने के 15 साल तक जमा करवाया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर अगर किसी बच्ची का खाता उसके 9वें वर्ष में खुलवाया जा रहा है। तो उसके 24 साल के होने तक खाते में रकम जमा कराई जा सकती है। जब तक यह रकम मैच्योर नहीं हो जाती तब तक इस पर ब्याज मिलता रहता है।

क्या होगा अगर खाते में कम से कम रकम नहीं जमा की गई

किसी अनियमित सुकन्या समृद्धि खाते में अगर कम से कम रकम नहीं जमा की गई। तो उसे 50 रुपए सालाना पेनल्टी देकर मेंटेन किया जा सकता है। लेकिन इसके साथ हर साल के लिए कम से कम जमा कराई जाने वाली रकम इस अकाउंट में आपको डालनी पड़ेगी। अगर कोई व्यक्ति पेनल्टी नहीं भरता है तो उसे एसएसवाई खाते में जमा रकम पर पोस्ट ऑफिस के सेविंग अकाउंट के बराबर ब्याज मिलना शुरू हो जाएगा। जो फिलहाल करीब 4 फ़ीसदी है। लेकिन अगर एसएसआई खाते पर ब्याज ज्यादा चुका दिया गया है तो उसे रिवाइज भी किया जा सकता है।

कैसे जमा करा सकते हैं खाते में रकम

सुकन्या समृद्धि खाते में रकम कैश, चेक या डीडी के जरिए जमा कराई जा सकती है। लेकिन यह बैंक पर निर्भर करता है कि वह किस बैंक का चेक क्या डीडी स्वीकार करता है। इसके लिए जो कोई भी रकम जमा करने वाला है उसका नाम और अकाउंट होल्डर का नाम लिखना जरूरी होता है। अगर बैंक में या पोस्ट ऑफिस में कोर बैंकिंग सिस्टम मौजूद है तो इस खाते में इलेक्ट्रॉनिक मोड में भी ट्रांसफर किया जा सकता है।

अगर खाते में पैसा चेक या ड्राफ्ट के जरिए जमा की जा रही है तो अमाउंट के खाते में डिपॉजिट होने के बाद से ही उस पर ब्याज मिलना शुरू होगा। लेकिन अगर यह किसी ई-ट्रांसफर है तो इस मामले में उसी दिन से आपको ब्याज मिलना शुरू हो जाता है।

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