भारत में गाय को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। गाय को कामधेनु भी कहा जाता है। इसका दूध बच्चों के लिए पौष्टिक और बुद्धि के विकास में कारगर भी पाया गया है। सभी पशुओं में गाय के दूध को सबसे अच्छा माना गया है। भारत में ज्यादातर देशी नस्ल की गाय पालने की परंपरा है। देशी नस्ल की गाय में बहुत सी खूबियाँ पायी जाती है। जो सभी इसके दूध को महत्वपूर्ण बनाती है।

देशी गायों के दूध में एक विशेष प्रोटीन पाया जाता है। जो हमे दिल की बीमारी और मधुमेह से लड़ने में सहायता करता है। यह प्रोटीन बच्चों के मानसिक विकास में भी बहुत ज्यादा सहायक होता है। शायद इसलिए ही गाय के दूध की तुलना माँ के दूध से भी की जाती है। देशी गाय को भारत में गौ माता भी कहा जाता है। भारतीय गायों में एक अलग तरह की विशेषता होती है जो दुनिया की अन्य गौ-प्रजातियों में नहीं होती। भारतीय गाय के शरीर में सूर्य-ग्रंथि अर्थात ‘सन-ग्लैंड्स’ पाए जाते है। जो दूध को गुणकारी और अमूल्य ओषधि में परिवर्तित कर देते है।

एक नवजात शिशु दूध पर जब तक निर्भर रहता है जब तक वो अन्य पदार्थों का सेवन करने में सक्षम नहीं हो जाता। आज के समय में डेयरी कंपनियों द्वारा बाजार में गाय और भैंस का दूध बेचा जाता है। वो दूध प्रोटीन, कैल्शियम, राइबोफ्लेविन तथा विटामिन बी 2-युक्त होता है। इसके अलावा इसमें विटामिन ए, डी, के और ई सहित मैग्नीशियम, आयोडीन, फास्फोरस जैसे कई अन्य खनिज पदार्थ पाए जाते है। गाय के ताजे दूध में कई एंजाइम व कुछ जीवित कायिक कोशिकाएं भी हो सकती है। गाय के दूध में पाए गए प्रोटीन में लगभग एक तिहाई बीटा केसिन नामक प्रोटीन होता है।

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विदेशी गायों के दूध में ज्यादातर ‘बीटा केसीन ए-1’ नामक प्रोटीन पाया गया है। यह शरीर के सुरक्षा तंत्र को ख़त्म करके अनेक असाध्य रोगों का कारण बनता है। बीटा केसीन ए-1 दूध पिने की वजह से बीसीएम-7 बनता है। जो हमारे शरीर के लिए हानिकारक होता है। इस दूध को बच्चों को पिलाने से डायबिटीज हो सकती है। यह दूध हमारे शरीर के पाचन तंत्र को खराब करता है। और दिल की बीमारी होने की संभावना बढ़ाता है।

A2 दूध के लाभ A2 Milk Benefits in Hindi

यह प्रोटीन केवल देशी गायों में ही पाया जाता है। ए-2 बीटा केसीन प्रोटीन हमारे शरीर की रोग प्रतिरोध क्षमता को बढ़ाता है इसके साथ-साथ दिल की बीमारी के खतरे को भी कम करता है। यह पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है इसलिए ये दूध नवजात शिशु को पिलाया जाता है।

A1 और A2 में क्या अन्तर है

लगभग 12 तरह के बीटा केसीन होते है। उनमे से ए-1 तथा ए-2 बीटा केसीन महत्वपूर्ण होते है। ए-2 की एमिनो एसिड़ श्रृंखला (कड़ी) में 67 वें स्थान पर ‘प्रोलीन’ होता है। जबकि ए-1 बीटा केसीन में ‘प्रोलीन’ के स्थान पर ‘हिस्टिडीन’ नामक अमीनो-अम्ल होता है।

हम आशा करते है कि आप लोगो a2 दूध के फायदे अच्छे से समझ आ गए होंगे। इसलिए हम आप लोगो को यही सलाह देते है कि नवजात शिशु को देशी गाय का दूध या फिर माँ का ही दूध पिलाये। यह दूध शिशु के लिए बहुत लाभदायक होता है। इस लेख को अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ जरूर शेयर करे, ताकि वो लोग भी A2 दूध के फायदे के बारे में जान सके।

प्रशांत यादव

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