Acupuncture Therapy in Hindi: एक्युपंचर थेरेपी एक ऐसी पद्धति है जिसके दौरान शरीर में प्राकृतिक रूप से बने कुछ निश्चित बिंदु पर पतली पतली सुईया चुभाई जाती हैं। विशेषज्ञों के दौरान ऐसा करने से मरीजों को दर्द से राहत मिलता है। साथ ही कई और तरह की परेशानियों के दौरान भी इसका उपयोग किया जाता है। एक्युपंचर थेरेपी मूल रूप से चीनी उपचार की एक प्राचीन पद्धति है।

क्या होता है एक्युपंचर थेरेपी [Acupuncture Therapy Kya Hai]

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एक्युपंचर थेरेपी एक प्रशिक्षित एक्युपंक्चरिस्ट के द्वारा दी जाती है। इस दौरान शरीर के किसी खास बिंदु पर एकदम पतली सुईया चुभा जाते हैं। इससे दर्द का एहसास नहीं होता है। लेकिन शरीर में मौजूद दर्द दूर जरूर हो जाते हैं। शरीर के जिन बिंदुओं पर सुईयां चुभाई जाती है। उनका संबंध आपके शरीर की बीमारियों से होता है। जानकारों के मुताबिक इस पद्धति के द्वारा हमारे शरीर में बहने वाली ऊर्जा के प्रवाह को सही किया जाता है।

चीनी पद्धति में इस जीवन ऊर्जा को “की” (Qi) और “ची” (Chi or Chee) का नाम दिया गया है। हालांकि आज आधुनिक दौर में भी इस थेरेपी के इस्तेमाल को एक्युपंक्चर बिंदुओं को हमारे शरीर की नसों, मांसपेशियों और संबंधित टिश्यू को उत्तेजित करने का तरीका मानते हैं। कुछ विद्वानों का मानना है की इस प्रकार की उत्तेजना से शरीर में प्राकृतिक दर्द निवारक का स्त्राव होता है और खून का संचरण भी सही होता हैं।

एक्यूपंचर थेरेपी के फायदे [Benefits of Acupuncture Therapy]

एक्युपंचर थेरेपी के कई सारे फायदे हो सकते हैं। बशर्ते इसे सही तकनीक और सुरक्षित तरीके से किया जाए। सुरक्षा बरतकर अगर इस तकनीक से शरीर के किसी हिस्से में दर्द की समस्या को दूर किया जाए। तो इससे होने वाले साइड इफेक्ट का भी खतरा काफी कम होता है। अगर आप किसी दूसरे तरह का उपचार ले रहे हैं तो इस दौरान भी इस पद्धति को अपना सकते हैं इससे आपको कोई खतरा नहीं होता। यह शरीर में मौजूद कई तरह के दर्दों से निजात दिलाता है। यह थेरेपी उन मरीजों के लिए रामबाण का काम करती है, जिन्हें दर्द निवारक दवाओं से कोई असर नहीं हो रहा है।

एक्यूपंचर से होने वाले नुकसान [Acupuncture Therapy Risk]

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एक्यूपंचर थेरेपाी से वैसे तो कोई खासा नुकसान नहीं होता है। लेकिन फिर भी इस थेरेपी को लेने से पहले कुछ हिदायत बरत लेनी ही चाहिए। जैसे कि इस थेरेपी को प्रोफेशनल थेरेपिस्ट से ही लेनी चाहिए। इसके अलावा भी कई बार इस थेरेपी के कारण कुछ संभावित प्रभाव दिखने लगते हैं। एक्यूपंचर थेरेपी के बाद संभवत: थोड़ा दर्द होता है। साथ ही सुइयों के चुभोने से आपकी स्किन भी छिल सकती है। इसके साथ ध्यान रखने वाली बात यह है कि अगर सुई सही तरह से स्किन में नहीं घुसती है तो इससे शरीर के आंतिरक अंगों को नुकसान भी हो सकता है। हमेंशा इस थेरेपी इस्तेमाल किए जाने वाले सुइयों की जांच कर लें नहीं तो इससे इंफेक्शन की समस्या भी हो सकती है। एक बात और बतादें कि यह थेरेपी हर मरीज को फायदा पहुंचाए ऐसा भी जरूरी नहीं है। अगर आपके शरीर में रक्त स्राव नहीं रुकता है तो इसके कारण भी आपको परेशानी हो सकती है। अगर आपके हृदय में पेसमेकर यंत्र लगा है तब आपको परेशानी हो सकती है। पेसमेकर एक ऐसा यंत्र है जिसे हृदय रोगियों के हृदय में लगाया जाता है। गर्भवती महिलाओं के लिए भी एक्यूपंचर का उपचार बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। इसी लिए गर्भवति महिलाएं एक्यूपंचर थेरेपी ना लें।

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