Coronavirus Patients: कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया में दिन ब दिन बढ़ता ही जा रहा है। दुनिया भर में कोरोना से 41 लाख लोग इसके चपेट में आ चुके हैं । इन सबके बीच राहत की बात ये है कि कुछ लोग इस बीमारी के चपेट से बाहर भी आ चुके हैं, लेकिन अब उनके सामने एक अलग चुनौती आन पड़ी है।

न्यूयॉर्क टाइम्स में एक खबर प्रकाशित हुई, खबर के अनुसार 59 वर्ष की मोरेना कोलोंबी जिन्हें 16 मार्च को ही कोरोना निगेटीव बताकर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी, लेकिन अब भी वो पूरी तरीके से ठीक नहीं हुई हैं। उन्होंने बताया कि अब भी खांसी आती है। साथ ही उन्हें थकान और कमजोरी भी महससू होती है।

मोरेना एक कॉस्मेटिक कंपनी में रंग बनाने का काम करती हैं। जब उन्हें अस्पताल ने कोरोनो निगेटीव घोषित कर दिया तो वे फिर से काम पर लौट गई थीं, लेकिन वो काम नहीं कर पाईं। वहां उन्हें थकान महसूस होने लगी, सांस फूलने लगी। मोरेना कहती हैं कि कोरोना के बाद अब थोड़ा सा भी चलती हूं तो मांसपेशियों में दर्द होता है।

टूट गई हैं मोरेना

मोरेना इटली के मिलान शहर की रहने वाली हैं। मोरेना ने कहा कि मुझे लगता है कि अब मैं कभी कोविड बिमारी के पहले वाली स्थिति में नहीं आ पाउंगी। याद दिला दें कि इटली यूरोप का पहला देश था जहां सबसे ज्यादा बुजुर्ग लोगों की कोरोना की वजह से मौत हुई है।

इटली के बाद कोरोना स्पेन, फ्रांस और अब अमेरिका में तेजी से फैल रही है। इटली अब दोहरी मार झेल रहा है। पहले उस देश में सबसे ज्यादा लोग मारे गए और अब उसकी नई समस्या ये है कि मरीजों के ठीक होने में काफी समय लग रहा है।

ठीक होने के बाद भी दिख रहे हैं लक्षण (Could not Recovered Coronavirus Patients after 11 Week)

Could not recovered coronavirus patients
Reuters

दुनिया भर से ऐसी खबरें आ रही हैं कि जो कोरोना से संक्रमित हुए और फिर स्वस्थ भी हो गए, लेकिन वो फिर से खराब स्वास्थ्य की वजह से परेशान हैं। कई लोग जो कोरोना से ठीक हो चुके हैं, उनमें अब भी कोरोना के लक्षण दिख रहे हैं। डॉक्टर्स मान रहे हैं कि ऐसे मरीजों को ठीक होने में कई दिन लग सकते हैं।

इटली में ऐसे लोगों की संख्या सबसे अधिक है, जो पहले कोरोना निगेटीव पाए गए, लेकिन अब भी उनकी हालत काफी खराब है। अब इन मरीजों को ये डर सता रहा है कि उनके सेहत और पैसों दोनों का नुकसान न हो जाए। कोरोना निगेटीव होने के बाद भी उनमें थकान, खांसी और सांस फूलने की समस्याएं बनी हुई हैं।

इटली के लोम्बार्डी में मौजूद सैन मैटियो हॉस्पिटल के डायरेक्टर एलेसांड्रो वेंतुरी कहते हैं कि हमारे पास कई ऐसे मरीज हैं, जिन्हें कोरोना से रिकवर होने में काफी टाइम लग रहा है। उन्होंने कहा कि मरीजों पर 60-60 दिनों तक नजर बनाई जा रही है, क्योंकि ये सभी लक्षण कोरोना के ही हैं, ऐसे में हमारे सामने कड़ी चुनौती है।

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